जानिए कैसे बनती है बिजली?

इंडिया में बिजली कैसे बनती है और घरों तक कैसे पहुचाई जाती है? हमारे देश में ज्यादा तर बिजली कोयले, पानी, और हवा से बनाये जाते हैं लेकिन कुछ वर्षो में बिजली बनाने की विधि में बदलाब आया है जिससे नेचुरल रिसोर्स (Natural Resource) को भबिष्य के लिए बचाया जा सके.

रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) क्या है?

renewable energy

यह दो शब्दों से बना हुआ है: Renewable – बार – बार नया बनता रहे. Energy – उर्जा. रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) बिजली बनाने का ऐसा माध्यम है जो प्रयावरण  को कोई नुकशान नहीं पहुचता है जैसे कि हवा, पानी और सूर्य की रोशनी. इस एनर्जी को हमलोग प्रतिदिन प्रयोग करते है और ये सब फिर से नया बन जाता है लेकिन Global Warming के बजह से पर्यावरण में अब सही संतुलन नहीं बना हुआ है जिसके कारण वारिश और हवा दोनों सही समय पर प्रयाप्त मात्रा मे नहीं होती है.

सोलर एनर्जी (Solar Energy) क्या है?

solar energy

हमारे देश की सूर्य लगभग 300 दिन हमें प्रकाश प्रदान करता है जिसमे काफी उर्जा होती है. सूर्य से आने वाली उर्जा को सिलिकॉन सेल (Silicon Cell) की बनी उपकर पर एकत्रतित करके सूर्य की रोशनी (Sun light) को बिजली बदला जाता है, उस एनर्जी को सोलर एनर्जी (Solar Energy) कहते है. सोलर एनर्जी को कई प्रकार से उपयोग किया जा रहा है – जैसे कि सोलर पैनल (Solar Panel) से बिजली बनाना, सोलर वाटर हीटर (Solar Water Heater) से पानी गर्म करना, सोलर कुकर (Solar Cooker) से खाना बनाना, रिफ्लेक्टर (Reflector) लगा के बिजली बनाना, इत्यादी. 

 

सोलर एनर्जी का वर्तमान इस्थिति क्या है?

इंडिया में सोलर एनर्जी 2021 के अनुसार, निचे बता गया है –

#1. Solar Mission 

solar mission

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मुताबिक़, ''कार्बन उत्सर्जन के मामले में चीन सबसे ऊपर है और इसके बाद अमरीका का नंबर आता है. और तीसरे नंबर पर इंडिया मौजूद है." इंडिया में कार्बन उत्सर्जन का मुख्य सोर्स है ट्रांसपोर्टेशन, इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन, इंडस्ट्री, कंस्ट्रक्शन, बायोमास बर्निंग फॉर कुकिंग और एग्रीकल्चर. 2015 में सभी देशो ने मिलकर कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए International Solar Alliance बनाया गया जिसमे तय हुआ कि पॉवर जनरेशन के लिए ज्यादा से ज्यादा रिन्यूएबल एनर्जी का प्रयोग किया जाएगा और इंडिया ने 2022 तक 175GW बिजली रिन्यूएबल एनर्जी से बनाने का लक्ष्य रखा जिसमे 100GW सोलर पॉवर और 75GW विंड और हाइड्रो एनर्जी है. 100GW सोलर पॉवर में 60GW Ground Mounted और 40GW Rooftop Sector में सोलर पैनल लगाया जायेगा. रूफ्तोप सेक्टर में सरकारी बिल्डिंग, रेलवे, एयरपोर्ट, पेट्रोल पंप, बैंक, कोआपरेट बिल्डिंग और घर शामिल होगें.

 

BBC News के अनुसार, " 1973 के बाद 2019 पहला साल था जब भारत में कोयले से बिजली के उत्पादन में कमी आई है क्योंकि बिजली की मांग संतुलित रही और मज़बूत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (Renewable Energy Sources) से बिजली उपलब्ध होने की वजह से कोयला जलाकर बिजली उत्पादन में कमी आई है."

#2. Electricity Demand

electricity demand in india

इंडिया में बिजली की खपत लगभग 610% हर वर्ष बढ़ रहा है. निचे कुछ वर्षो का आकडा दिया गया है – 2019 – 1250B Units & 2020 – 1330B Units (इन दो वर्षो में बिजली 10-15% से बढ़ रहा है.)

#3. Major Contribution of Solar Energy

Major Contribution of Solar Energy

आज के समय में रिन्यूएबल एनर्जी का 50% योगदान सोलर पॉवर (Solar Power) और 50% में हाइड्रो (Hydro) और विंड एनर्जी (Wind Energy) का है. पुरे एनर्जी का 50% आज भी कोयले से बिजली बनाई जा रही है.

सोलर एनर्जी की कुछ खामिया (Disadvantage of Solar Energy) क्या है?

disadvantage of solar energy

ऊपर हमलोग ने सोलर एनर्जी के फायदे के बारें में जाना, लेकिन आज भी सोलर एनर्जी के कुछ खामियां है जो हम निचे जानेगे.

#1. Costly

solar panel cost in india

सोलर एनर्जी में प्रयोग होने वाले उपकरण जैसे कि सोलर पैनल आज के समय में महगा है लेकिन आने वाले समय में सोलर पैनल, 1 किलोवाट का एक ही सोलर पैनल होगा जिसका रेट 10,000 रुपये तक होगी.

#2. Reliable

solar energy is not reliable

आज भी सोलर पैनल पर पूरी तरह निर्भर नहीं बना जा सकता है क्योकि सोलर पैनल पूरी वर्ष में 300 दिन मात्र 10 घंटे ही काम करता है. सोलर पैनल दिन के समय में ही काम करता है लेकिन घरों की जरुरत रात के समय में बढता है. आने वाले समय में एंटी सोलर पैनल जो दिन के साथ रात में भी काम करेगा जो लगभग 2025% बिजली चाँद की रोशनी से बनायेगा.

#3. Awareness

सोलर एनर्जी एक अल्टरनेटिव एनर्जी (Alternative Energy) है इसलिए इसकी जागरूकता लोगो के बिच में बहुत ही कम है. इंडियन सरकार ने सोलर को जागरूक करने के लिए घरों पर सोलर सब्सिडी, किशानो के लिए कुसुम योजना, सोलर पैनल फैक्ट्री लगाने पर सब्सिडी, वैसे एरिया आज भी बिजली नहीं पहुची है वहां जगमग योजना चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा योजना 2020

सोलर एनर्जी की भबिष्य कैसा होगा?

solar energy is future

आज के समय में सभी लोगो का कहना एक ही है – Solar is Future लेकिन कैसा होगा अगले 10 वर्षो में सोलर का फ्यूचर वो निचे जानेगे-

 

1. Empower to Generate Electricity in Home: लोगो के पास पॉवर होगा खुद का बिजली बनाने का जैसे कि आज के समय में हर घर में Dish TV और वाटर पंप है. लोग अपने जरुरत के अनुसार बिजली बनायेगे और उसका उपयोग करेगे.


2. Changing Lifestyle: लोगो की जीने और रहने की लाइफ स्टाइल बदल जाएगी. आज के समय में जैसे कि इन्टरनेट के कारण घर बढ़े शौपिंग, न्यूज़, मूवी, पढ़ाई आसानी, रोजगार आसानी से कर सकते है.


3. Employment Growth: इन सभी बदलाब से बढेगी सोलर इंडस्ट्री में लोगो का रोजगार. आज से ही सोलर में लोग डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर और इन्फ्लुसनेर बनकर काम शुरू कर चुके है.

बिजली घर तक  कैसे पहुचती है?

how to reach electricity to home

हमारे घर, फैक्ट्री, स्कूल, हॉस्पिटल, ऑफिस तक बिजली पहुचाने के लिए 3 बिजली कंपनी काम करती है.

 

1. Power Producer: वैसा कंपनी जो सिर्फ बिजली रिन्यूएबल और नॉन रिन्यूएबल एनर्जी से बिजली बनाने का काम करती है, जैसे कि Adani Power, Tata Power, NTPC, Torrent Power, etc.


2. Power Transmission: वैसा कंपनी जो सिर्फ बिजली हर राज्यों के बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी तक पहुचाने का काम करती है, जैसे कि Adani Transmission.


3. Power Distribution: वैसा कंपनी जो सिर्फ बिजली हमारे घर, फैक्ट्री, स्कूल, हॉस्पिटल, ऑफिस तक बिजली पहुचाने की काम करती है, जैसे कि Adani Electricity, Tata Power, Torrent Power, DHVVN, UPPCL, SBPDCL, BSEDELHI, etc.  

 

हमलोग जो बिजली प्रयोग करते है उसका कीमत लगभग 6 – 10 प्रति यूनिट्स बिजली कंपनी को जमा करते है वही पर इस बिजली को हमलोग Commercial में प्रयोग करते है तो उसका कीमत लगभग 10 – 20 प्रति यूनिट्स जमा करना पड़ता है. बिजली का रेट हर राज्य अपने अनुसार तय करती है और उसपर सब्सिडी भी दिया जाता है. जैसे कि Delhi  सरकार 200 यूनिट तक का बिजली प्रयोग करने पर बिलकुल फ्री है उसके ऊपर बिजली आने पर उपभोक्ता को बिजली बिल पे करना पड़ता है.

निष्कर्ष

अब आपके घर तक बिजली कैसे पहुती है और कैसे इंडिया में बिजली बनाया जा रहा है. इसलिए अपने घरो में जो भी उपकरण चला रहें है उसको जरूत के अनुसार चलाये अन्यथा आने वाले समय में नेचुरल रिसोर्स धीरे – धीरे खत्म होते चला जायेगा. आज से आप भी अपने घरों में पूरी बिजली का कम से कम 30% बिजली खुद से बनाकर प्रयोग करें. इसके लिए अपने घर 300 वाट से 1000 वाट तक का सोलर पैनल लगाके अपने घर बिजली बना सकते है.

 

Also Read in English: Powering Your Home with Solar Energy?      

3 comments

Himanshu Beghel

Himanshu Beghel

Please invent a solar cycle

Himanshu Beghel

Himanshu Beghel

Hii please invent the solar cycle

Saroj Damor

Saroj Damor

Hello

Leave a comment