घर के लिए सोलर सिस्टम या सोलर प्लेट

इस ब्लॉग का मुख्य उद्देश्य लोगों को सोलर सिस्टम और उसके भिन्न-भिन्न अंगों के बारे में जागरूक करना है| ज्यादातर लोग सोलर पैनल को ही पूरा सोलर सिस्टम समझते हैं लेकिन हकीक़त में सोलर पैनल सोलर सिस्टम का एक अभिन्न अंग है और यहां तक कि यदि हम गूगल पर सोलर सिस्टम सर्च करते हैं तो भी हमें केवल सौर-मंडल के बारे में ही जानकारी मिलेगी| लेकिन वर्तमान समय में सोलर सिस्टम की परिभाषा बदल रही है| अब सोलर पैनल, सोलर इनवर्टर और बैटरी इत्यादि के समुच्चय को सोलर सिस्टम कहा जाता है|

 

इस ब्लॉग में हम बात करेंगे सोलर सिस्टम क्या होता है, इसके क्या-क्या फायदे हैं, भारत में निवेश के लिए कौन-कौन से माध्यम और किस तरह से हम सोलर सिस्टम से भी रुपए कमा सकते हैं, सोलर सिस्टम की रेंज क्या है और 1 किलोवाट सोलर सिस्टम हम कितनी बिजली उत्पन्न कर सकते हैं और कितने रूपए तक का बिजली का बिल बचा सकते हैं| इसके साथ-साथ हम जानेंगे भारत की 10 मुख्य सोलर कंपनियों के बारे में|

सोलर सिस्टम क्या होता है?

सोलर सिस्टम

सूर्य के माध्यम से बिजली उत्पन्न करने के लिए काम में आने वाले समुच्चय को सोलर सिस्टम कहा जाता हैं| सामान्यतः एक सोलर सिस्टम में सोलर पैनल होते हैं, इनवर्टर होता है, सोलर पैनल को कसने के लिए ढांचा होता है, बैटरी होती है और सभी चीजों को आपस में जोड़ने के लिए तार होते हैं| बाजार में सोलर सिस्टम अलग अलग श्रेणी में उपलब्ध है जैसे 1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट, 5 किलोवाट इत्यादि |

1. सोलर पैनल (Solar Panel)

सोलर पैनल

 

सोलर सिस्टम का सबसे मुख्य भाग सोलर पैनल होता है| सोलर पैनल सूर्य से आने वाली किरणों को दिष्ट विद्युत धारा में परिवर्तित करता है| सोलर पैनल की कीमत लगभग पूरे सोलर सिस्टम की 40% तक होती है| वर्तमान समय में भारत में 2 तरह के सोलर पैनल उपलब्ध है जिसमें से एक है पॉलीक्रिस्टलाइन (Polycrystalline) और दूसरा है मोनोक्रिस्टलाइन (Monocrystalline)|

 

पॉलीक्रिस्टलाइन (Polycrystalline Solar Panel) पुरानी तकनीक से बना हुआ है जो कुछ परिस्थितियों में सही ढंग से काम नहीं कर पाता है जैसे- बारिश के मौसम में और बादल होने पर|

 

जबकि दूसरे मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Monocrystalline Solar Panel) आधुनिक तकनीक पर बने हुए हैं और यह सामान्य सोलर पैनल की तुलना में ज्यादा सही तरीके से काम करते हैं| यह पैनल बारिश के मौसम और बादल होने पर भी बिजली उत्पन्न करते हैं|

2. इनवर्टर (Inverter)

सोलर इनवर्टर

इनवर्टर सोलर पैनल के बाद दूसरा मुख्य भाग है जो सोलर पैनल के द्वारा उत्पन्न हुई बिजली को दिष्ट विद्युत धारा या डीसी करंट को प्रत्यावर्ती धारा या एसी करंट में परिवर्तित करता है| सामान्तः सोलर इनवर्टर की कीमत पूरे सोलर सिस्टम की लगभग 25% होती है|

3. बैटरी (Battery)

सोलर बैटरी

सोलर पैनल से उत्पन्न हुई बिजली को संग्रहित करने के लिए बैटरी का प्रयोग किया जाता है क्योंकि रात्रि के समय सोलर पैनल को धूप ना मिलने के कारण सोलर पैनल काम करना बंद कर देते हैं और उस समय बिजली के लिए बैटरी की जरूरत होती है| बैटरी की संग्रहण क्षमता को दर्शाने के लिए Ah का प्रयोग किया जाता है जिसमें सामान्य 150Ah सबसे अधिक बिकता है| 150Ah की बैटरी से लगभग हम 3 से 4 घंटे तक 400 वाट बिजली की वस्तुओं को काम में ले सकते हैं और लगभग पूरी रात एलईडी बल्ब और पंखा चला सकते हैं|

4. सोलर पैनल ढांचा (Solar Panel Stand)

सोलर पैनल ढांचा Solar Panel Stand

सोलर पैनल के लिए एक सही ढांचे का प्रयोग किया जाना बहुत जरूरी है क्योंकि सोलर पैनल छत पर लगाए जाते हैं और तेज हवा चलने से यह गिर कर टूट भी सकते है| इसके साथ-साथ सोलर पैनल को सही दिशा में और सही कोण में लगाने के लिए अच्छी गुणवत्ता के सोलर स्ट्रक्चर या ढांचे की आवश्यकता होती है |

 

भारत में दो तरह के सोलर सिस्टम मुख्यतः होते हैं ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम और ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम| ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम (On Grid Solar System) में सोलर सिस्टम सीधे बिजली के खंभों से जुड़ा हुआ होता है और नेट मीटर की सहायता से बिजली का आदान प्रदान करता है जबकि ऑफ ग्रिड सोलर (Off Grid Solar System) में सोलर सिस्टम स्वतंत्रता पूर्वक कार्य करता है सोलर सिस्टम को चलने के लिए किसी भी प्रकार की अलग से बिजली की आवश्यकता नहीं होती है|

सोलर सिस्टम की जरूरत क्यों है?

प्रौद्योगिकी में हर तरफ विकास हो रहा है लेकिन बिजली उत्पन्न करने के लिए आज भी कोयले का ही प्रयोग किया जाता है जिससे वातावरण में प्रदूषण बढ़ता है और कई तरह की बीमारियां उत्पन्न होती है| इस समस्या को सोलर सिस्टम के द्वारा समाप्त किया जा सकता है| हम सोलर सिस्टम लगाकर खुद की बिजली को उत्पन्न कर सकते हैं और होने वाले प्रदूषण को रोक सकते हैं| आइए देखते हैं सोलर पैनल से हमें क्या क्या लाभ मिलते हैं|

1. निवेश के अवसर –

निवेश के अवसर

लोग हमेशा अपने बचाए हुए पैसों को कहीं ना कहीं निवेश करने के अवसर की तलाश करते हैं और उन सभी का एक ही लक्ष्य होता है कि जितना ज्यादा हो सके मुनाफा मिले और पैसे डूबने का जोखिम ना हो| क्या आप जानते हैं? आप सोलर में निवेश करके सबसे ज्यादा मुनाफ़ा कमा सकते हैं और यहां जोखिम भी नहीं होता है| वर्तमान समय में बाजार में निवेश के लिए निम्न विकल्प है शेयर बाजार, सावधि जमा या फ़िक्स डिपॉजिट, एल आई सी (LIC), म्यूच्यूअल फंड, इत्यादि

 

solar business roi

 

इन सभी विकल्पों में किसी में मुनाफ़ा ज्यादा है तो रुपए डूब ने का जोखिम भी ज्यादा है और किसी में जोखिम कम है तो वहां पर मुनाफ़ा भी कम है| अब यदि हम बात करें सोलर सिस्टम की तो लगभग 1 किलोवाट सोलर सिस्टम से हम साल भर में लगभग 1500 यूनिट बिजली उत्पन्न कर सकते हैं| जिसकी कीमत आवासीय स्थानों पर लगभग 12000 रुपए तक होती है और यदि हम बात करें व्यावसायिक स्थानों पर तो लगभग प्रति यूनिट ₹11 होता है जिसके अनुसार लगभग साल के हम ₹15000 तक का बिजली का बिल बचा सकते हैं और 1 किलोवाट सोलर सिस्टम की कीमत मात्र ₹60000 होती है यानी कि सोलर सिस्टम हमें 1 साल में 20% तक का मुनाफ़ा देता है और प्रति 5 वर्ष में हमारा मूल-धन दोगुना हो रहा है| क्योंकि जो पैसे हम बचाते हैं वही पैसे हम कमाते हैं| तो आज तक हमने सोलर सिस्टम को एक वस्तु की तरह ही देखा है लेकिन यह हमारे लिए एक अच्छा निवेश का विकल्प हो सकता है|

2. बिजली का बिल कम करने के लिए

बिजली का बिल कम करने के लिए

सोलर सिस्टम का मुख्य फायदा है इससे हम हर महीने आने वाले बिजली के बिल से छुटकारा पा सकते हैं और उन पैसों को दूसरे कामों में ले सकते हैं| एक सामान्य घर का बिजली का बिल सालाना ₹60000 होता है और हमें मेहनत और कठिन परिश्रम से कमाए हुए रुपए से यह चुकाना होता है यदि हम सोलर सिस्टम लगा ले तो इन रुपए को हम बचा सकते हैं|

3. बिजली संग्रहण के लिए

बिजली संग्रहण के लिए

आज भी भारत में ऐसे कई स्थान है जहां पर सही तरीके से बिजली नहीं पहुंच पाई है और वहां के लोग डीजल जनरेटर का प्रयोग करते हैं जिससे काफी ज्यादा प्रदूषण होता है और उन्हें बार-बार डीजल खरीद कर लाना पड़ता है यदि उन स्थानों पर सोलर सिस्टम लगा दिया जाए तो एक ही बार में बार-बार के डीजल खरीदने से छुटकारा मिल जाएगा और प्रदूषण भी नहीं होगा| इसलिए सोलर बिजली संग्रहण के लिए भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है|

सोलर के बारे में कल्पित तथ्य या Myths:-

1. क्या सोलर कश्मीर और हिमाचल में काम करेगा?

 

solar system in Hindi

हां, सोलर सिस्टम कश्मीर और हिमाचल या किसी भी ठंडे प्रदेश में भी सही तरह से कार्य करेगा क्योंकि सोलर से बिजली उत्पन्न करने के लिए धूप की आवश्यकता होती है| जहां तक सूरज की किरणों की पहुंच होगी वहां पर बिजली को पैदा किया जा सकता है| लेकिन जहां सोलर पूरे वर्ष काम करता है उसकी जगह कश्मीर और हिमाचल में सोलर लगभग 200 से 250 दिन तक ही काम करेगा क्योंकि भारी बर्फबारी होने के कारण सोलर पैनल को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाएगी और यह बिजली उत्पन्न करने में असमर्थ हो जाएंगे| यानी सोलर सिस्टम कश्मीर या किसी भी ठंडे स्थान पर भी सही तरह से काम करेंगे|

सोलर सिस्टम की श्रेणी और इससे कितनी बिजली उत्पन्न कर सकते हैं?

सोलर सिस्टम की श्रेणी

वर्तमान समय में सोलर सिस्टम का चलन काफी बढ़ रहा है और सोलर सिस्टम को आसानी से स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप, हॉस्पिटल, घरों, बैंक, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर देखा जा सकता है| सोलर सिस्टम अलग-अलग आकार में बाजार में उपलब्ध है और इन्हें सामान्यतः दो श्रेणियों में बांटा गया है|

 

1 से 10 किलोवाट - 1 से 10 किलो वाट तक के सोलर पैनल आवासीय श्रेणी में आते हैं और सरकार द्वारा इन पर सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाती है|

 

10 किलोवाट से ज्यादा - इस श्रेणी के सोलर सिस्टम को व्यावसायिक श्रेणी में गिना जाता है और इन पर किसी प्रकार की सब्सिडी उपलब्ध नहीं होती है|

भारत में सोलर सिस्टम की कीमतें

भारत में ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम लगभग 70000 रुपए में उपलब्ध है और ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम 95000 रुपए में उपलब्ध है|

भारत में सोलर सिस्टम पर सब्सिडी

भारत में सोलर सिस्टम पर सब्सिडी

कोई भी उपभोक्ता सोलर सिस्टम खरीदने से पहले यह देखता है कि सोलर सिस्टम पर सब्सिडी कितनी उपलब्ध है| भारत सरकार द्वारा सोलर सिस्टम पर 20% से 40% तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है| 1 किलो वाट से 3 किलो वाट तक के सोलर सिस्टम पर सरकार द्वारा 40% की सब्सिडी उपलब्ध कराई गई है और 4 किलो वाट से लगाकर 10 किलो वाट के सोलर सिस्टम पर 20% की सब्सिडी उपलब्ध कराई गई है|

 

लेकिन भारत में सोलर सब्सिडी प्राप्त करना आसान कार्य नहीं है इसके लिए काफी मशक्कत का सामना करना पड़ता है और कुछ ऐसी शर्ते हैं जिस पर सब्सिडी दी जाती है|

क्या आप भी सोलर बेचना चाहते हैं?

solar panel for sale

यदि आप भी सोलर में व्यापार करना चाहते हैं तो आप लूम सोलर की डीलरशिप ले सकते हैं| लूम सोलर की भारत के सभी राज्यों में पहुंच है| आप लूम सोलर से आसानी से संपर्क कर सकते हैं और अपने क्षेत्र के डीलर बन सकते हैं| लूम सोलर का मुख्यालय फरीदाबाद हरियाणा में है| लूम सोलर भारत की मुख्य कंपनियों में से एक है और यह एकमात्र ऐसी कंपनी है जो मोनोक्रिस्टलाइन पैनल बनाती है| लूम सोलर ऑनलाइन बाजार और ऑफलाइन बाजार दोनों में काम करती है| इसी के साथ-साथ लूम सोलर ग्राहकों को सोलर खरीदने से लेकर लगाने तक की सहायता प्रदान करती है|

देखिये जरूर

इस विडियो में बताया गया है की सोलर सिस्टम क्या है ज्यातर उपभोक्ता सोलर पैनल को ही पूरा सोलर सिस्टम समझते है तो इन सभी बातो पर इस विडियो में चर्चा की गयी है इसी के साथ साथ केसे हम सोलर सिस्टम से रूपये कमा सकते साथ ही| 1kw सोलर सिस्टम से हम कितनी बिजली उत्पन कर सकते है|

भारत के 10 मुख्य सोलर कंपनियां

भारत में कई सारी सोलर निर्माता कंपनी है जो काफी बढ़िया काम कर रही है लेकिन आज हम जानेंगे भारतीय मुख्य 10 सोलर कंपनियों के बारे में और वह किन किन बागों में काम करती है|

1. लुमिनस (Luminous)

लुमिनस (Luminous)

मुख्य –  ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम

 

लुमिनस दिल्ली कि एक इनवर्टर निर्माता कंपनी है जिसको Schneider ने खरीद लिया hai| यह कंपनी ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम बेचती है| और बाजार में यह पिछले 30 वर्षों से कार्यरत हैं|

 

कंपनी वेबसाइट: www.luminousindia.com

2. माइक्रोटेक (Microtek)

माइक्रोटेक (Microtek)

मुख्य –  ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम

 

माइक्रोटेक भारत के प्रमुख सोलर इनवर्टर निर्माता कंपनी है इनका सोलर इनवर्टर बाजार में काफी प्रसिद्ध है|

 

कंपनी वेबसाइट: www.microtekdirect.com

3. लूम सोलर (Loom Solar)

लूम सोलर

मुख्य –  ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम

 

लूम सोलर ऑनलाइन बाजार की तेजी से बढ़ने वाली एक कंपनी है जो काफी अच्छा काम कर रही है इसका मुख्यालय फरीदाबाद हरियाणा में है| लूम सोलर अपने मोनोक्रिस्टलाइन के लिए जानी जाती है जो काफी आधुनिक तकनीक पर बना हुआ है इसी के साथ साथ यह कंपनी मात्र 3 दिन के अंदर सोलर सिस्टम को पूरे इंडिया में वितरण या डिलीवर करती है| लूम सोलर भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कंपनी है जो आसानी से ग्राहकों को सब्सिडी प्रदान करती है और नेट मीटर भी लगा कर देती है| लूम सोलर के पास 10 वाट से लगाकर 350 वोट तक के सोलर पैनल उपलब्ध है|

 

कंपनी वेबसाइट: www.loomsolar.com

4. टाटा पावर सोलर (Tata Power Solar)

टाटा पावर सोलर

मुख्य –  ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम

 

टाटा सोलर भारत के मुख्य सोलर कंपनियों में से एक है यह कंपनी मुख्यतः व्यवसाय संस्थानों पर सोलर सिस्टम लगाने का कार्य करती है| टाटा सोलर ऑन ग्रिड सिस्टम पर कार्य करती है| इन्होंने अभी तक 1.4 गीगा वाट सोलर पैनल विश्व भर में लगाए हैं और लगभग 200 मेगा वाट सोलर सिस्टम भारत में लगाए हैं पिछले 20 वर्षों में|

 

कंपनी वेबसाइट: www.tatapowersolar.com

5. पतंजलि सोलर (Patanjali Solar)

पतंजलि सोलर

मुख्य –  ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम

 

पतंजलि सोलर एक तेजी से बढ़ती हुई सोलर कंपनी है पतंजलि सोलर अभी तक 150 मेगा वाट सोलर सिस्टम लगा चुकी है और 2021 तक इनका लक्ष्य 500 मेगा वाट सोलर सिस्टम का है|

 

कंपनी वेबसाइट: www.patanjaliayurved.net

6. गौतम सोलर (Gautam Solar)

गौतम सोलर

मुख्य–  सोलर रोड लाइटिंग

 

गौतम सोलर भारत का विश्वसनीय सोलर निर्माता है यह कंपनी 10 देशों के अंदर काम कर रही है और ज्यादातर सड़कों पर देखा गया सोलर लाइटिंग सिस्टम इन्हीं के द्वारा बनाया हुआ होता है|

 

कंपनी वेबसाइट: www.gautamsolar.com

7. शक्ति सोलर (Shakti Solar)

शक्ति सोलर

मुख्य–  सोलर वाटर पंप

 

शक्ति सोलर भारत की मुख्य सोलर पंप निर्माता कंपनी है| ज्यादातर खेतों में इन्हीं के वाटर पंप देखे जाते हैं|

 

कंपनी वेबसाइट: www.shaktipumps.com

8. लूबी सोलर (Lubi Solar)

लूबी सोलर

मुख्य–  सोलर वाटर पंप

 

लूबी सोलर सोलर वाटर पंप निर्माता कंपनी है| लूबी सोलर का मुख्यालय गांधीनगर गुजरात में है यह कंपनी 2012 में शुरू की गई थी और अभी तक उन्होंने काफी सफलता प्राप्त की है|

 

कंपनी वेबसाइट: www.lubisolar.com 

निष्कर्ष

यदि अब आप सोलर लगाने के बारे में सोच रहे हैं या खरीदने जा रहे हैं तो सबसे पहले आपको यह पता होना चाहिए कि आपको किस तरह के सोलर सिस्टम की जरूरत है| आप सोलर सिस्टम पर किस बिजली के उत्पाद को चलाने वाले हैं और किस रेंज का सोलर सिस्टम आपको चाहिए| सोलर पैनल का आकार कैसा होगा स्ट्रक्चर का आकार कैसा होगा साथ ही सोलर पैनल की दक्षता कितनी होगी इन सारी बातों की आप गणना कर सकते हैं| और यहां पता लगा सकते हैं कि सोलर किस दिशा में होना चाहिए और यह गणना कर सकते हैं की सोलर सिस्टम से आपको कितने यूनिट बिजली प्राप्त होगी| सोलर सिस्टम लगाने से पहले यह बहुत जरूरी है की सोलर से होने वाली बिजली की गणना पहले कर ली जाए|

 

Read Also: A Simple Guide to Solar System for Beginners!

Next article सोलर पैनल लगाना चाहते है, ये हैं कुछ टिप्स!

Comments

Anup Ghate - November 11, 2019

Dealership

Fariyad Ali - November 11, 2019

How to fix 5 kilo watt solar penal in home and how many rupees spent in it give full information in gmail

Dr.Sharad Tiwari - November 11, 2019

मुझे घर पर सोलर पैनल लगबाना है सब कुछ चल सके टीवी फ्रिज बासिग मशीन पानी की समंबर सेबल और जरूरती सामान बगैरह जिससे भी बिजली बच सके हमारी

Santosh Kumar - November 11, 2019

I want to open dealership for loom solar
In jalalgarh purnia bihar – 854327
Mob- 9470000032

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Shital Magdum - November 11, 2019

धन्यवाद सर हम आपकी कंपनी की डीलरशिप लेना चाहते है हमे क्या करना होगा

Shital Magdum - November 11, 2019

धन्यवाद सर हम आपकी कंपनी की डीलरशिप लेना चाहते है हमे क्या करना होगा

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