लगाना चाहते हैं 30kW On Grid Solar System, जानिए खास बातें

नर्सिंग होम जैसी कमर्शियल यूनिट्स को चलाने के लिए 24*7 बिजली की जरूरत होती है। क्योंकि किसी भी अस्पताल में रोजाना काफी लोगों की भीड़ रहती है और यहाँ सीसीटीवी कैमरा, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट, वाटर पम्प, एक्स-रे मशीन, ऑपरेशन थिएटर मशीन जैसे कई उपकरण होते हैं, जिन्हें चलाने के लिए नियमित बिजली की जरूरत होती है।

कितनी होती है बिजली की जरूरत?

सामान्य रूप से कमर्शियल यूनिट्स के लिए कम से कम 15 किलोवाट सेक्शन लोड की जरूरत होती है। लेकिन यदि आप 30 किलोवाट सेक्शन लोड की व्यवस्था करते हैं, तो आपको अपने काम में कभी कोई परेशानी नहीं आएगी। बता दें कि कोई भी नर्सिंग होम सालों भर खुला रहता है और यहाँ 3 फेज बिजली की जरूरत होती है।

इस वजह से यहाँ बिजली बिल काफी ज्यादा आती है। वहीं, यदि आपके यहाँ बिजली कटौती हो रही है या Low Voltage की समस्या है, तो आपको बिजली के वैकल्पिक साधन के रूप में जनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ता है। जो आपके लिए काफी महंगा साबित होता है।

इसके अलावा, सरकारी बिजली की माँग भी साल दर साल बढ़ती जा रही है। जिस वजह से Business Owners आज अपने बिजली बिल को कम करने के लिए बेहतर साधन की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में Rooftop Solar Panel लगाना उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

है कई गुना फायदे का सौदा

सोलर पैनल को अपनाना एक प्रकार का निवेश है, जो 25 वर्षों में आपको 3 से 5 गुना रिटर्न आसानी से देगा। वह भी कमर्शियल सेक्टर में।

तो इस लेख के जरिए हम यह जानेंगे कि किसी भी नर्सिंग होम में या चावल मिल, गोदाम, मैरिज हॉल, शॉपिंग मॉल, रेस्टूरेंट, प्रशिक्षण संस्थान, छात्रावास, कॉलेज, स्कूल, सरकारी कार्यालय या कॉर्पोरेट ऑफिस जैसे कमर्शियल स्पेस में सोलर सिस्टम कैसे इंस्टाल होता है।

How to decide rooftop solar capacity?

किसी भी इच्छुक व्यक्ति के जेहन में सोलर सिस्टम को लगाने से पहले सबसे पहला सवाल होता है कि हम कितनी क्षमता का पैनल लगाएं, ताकि हमारा काम आसानी से हो जाए।

तो इसका जवाब यह है कि इसके लिए सबसे पहले आपको अपने साइट में एक इंजीनियर विजिट के लिए इन्क्वायरी करनी चाहिए। वह आपकी साइट पर जाएगा और आपकी जरूरतों और स्पेस को देखते हुए आपको गाइड करेगा कि कितने किलोवाट का सोलर पैनल लगाने के बाद आपकी जरूरतें पूरी हो जाएगी। 

इसके लिए आप visit: https://www.loomsolar.com/blogs/collections/why-is-engineer-visit-required-for-rooftop-solar-installation पर विजिट कर सकते हैं। बता दें कि किसी भी इंजीनियर विजिट के लिए आपको सिर्फ 1000 रुपये की फीस देनी होगी। लेकिन इससे आपका काम काफी आसान हो जाएगा।

भारत में कितनी मिलती है धूप?

पूरे भारत में औसतन लोगों को हर दिन करीब 5 घंटे की धूप मिलती है। वहीं, यदि अधिकतम धूप की बात की जाए, तो यह आँकड़ा 8 घंटे का है। 

बता दें कि कोई भी कमर्शियल बिल्डिंग एक निश्चित पैटर्न पर, सरकारी दिशा निर्देश के अनुसार बनते हैं। इस वजह से यहाँ धूप अच्छी मिलती है और सोलर से बिजली का उत्पादन अधिक होता है। लेकिन रेसिडेंसियल में ऐसा नहीं है। यहाँ Shadow Free Area में कमी के कारण बिजली का उत्पादन काफी प्रभावित होता है। 

How does a 30kW rooftop solar system work?

सोलर सिस्टम में Solar Panels, Inverter, Grid, Generator, Net Meter जैसे प्रमुख कंपोनेंट्स होते हैं।

बता दें कि किसी भी नर्सिंग होम में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले से ही पावर ग्रिड का इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ उन्होंने अपने डिस्कॉम द्वारा निर्धारित बिजली बिल चुकाने होते हैं।

वहीं, यह भी जरूर है कि उनके पास बिजली कटौती की स्थिति से बचने के लिए कोई छोटा सा पावर बैकअप सॉल्यूशन भी जरूर होगा। हालांकि, यह हॉस्पिटल में लगे बेड्स के अनुसार निर्धारित होते हैं। वहीं, Critical Appliances के लिए ऑनलाइन यूपीएस लगे होते हैं। अब यदि वे अपने यहाँ सोलर सिस्टम इंस्टाल करवाना चाहते हैं, तो उन्हें इसके उपर्युक्त कंपोनेट्स को एड करना होगा।

जैसा कि किसी भी अस्पताल में आज एसी लगाना अनिवार्य है। तो यहाँ पावर कट या लो वोल्टेज की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इसके लिए 3 फेज का कनेक्शन किया जाता है।

बता दें कि Low Voltage के कारण जितने भी Critical Appliances होते हैं, काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में लोग बिजली का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसे में, यदि आपके पास 25 किलोवाट या 50 किलोवाट का जनरेटर है, तो आप एक एसी चलाएं या 5 एसी चलाएं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। आपको जनरेटर चलाने में खर्च उतना ही आएगा।

ऐसे में सवाल उठता है कि यहाँ Solar System कैसे काम करेगा?

ऐसी स्थिति में आम तौर पर On Grid Solar System लगाया जाता है। बता दें कि यह सरकारी ग्रिड से जुड़ा हुआ होता है। जैसे कि हमारे देश में ग्रिड से 220 वोल्ट और 50 Hz का करंट आता है, उसे सोलर इन्वर्टर से Synchronize करके डीसी और एसी करंट को कम्बाइंड कर देता है। इसके बाद आपका Solar Power Plant पूरी तरह से काम करने लगता है।

कितना होता है बिजली का उत्पादन?

मान लीजिए कि आपने अपने यहाँ पर 30 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया है, तो इससे हर दिन कम से कम 120 यूनिट से लेकर 150 यूनिट तक बिजली का उत्पादन आसानी से हो सकता है। 

यदि आप अपने अस्पताल में हर दिन करीब 200 यूनिट बिजली की खपत करते हैं, तो ऐसे में आपको सिर्फ 50 यूनिट का ही बिजली बिल देना होगा। यदि हम इसको लाइफ टाइम के हिसाब से जोड़ें , तो हमें काफी फायदा होता है।

हमें एक नजरिया समझना सबसे ज्यादा जरूरी है - Power Cut और Low Voltage

जितने भी कमर्शियल यूनिट होते हैं, वहाँ 3 फेज बिजली जाती है। यदि एक फेज में बिजली चली गई या लो वोल्टेज की समस्या आ गई, तो आपका सोलर सिस्टम भी काम करना बंद कर देगा और आपको काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

ऐसी स्थिति से निपटने के लिए आपको जनरेटर चलाना पड़ेगा। यदि आपके पास 50 किलोवाट का जनरेटर है, तो इसे 2 घंटे चलाने के लिए भी कम से कम 10 लीटर डीजल की जरूरत पड़ेगी। इस हिसाब से आपको 2 घंटे में करीब 2 हजार का खर्च होगा, जो काफी महंगा है।

इस स्थिति में यदि आप Generator Synchronization का इस्तेमाल करते हैं, तो दो घंटे के पावर कट के दौरान जनरेटर पर 100 फीसदी का लोड नहीं आएगा, और उसे सामान्य बिजली दर जितना कम कर देगा। 

What are the three main benefits of 30kW solar?

अपने कमर्शियल स्पेस में 30 किलोवाट के सोलर सिस्टम को लगाने के 3 फायदे निम्न हैं -

Electricity Bill की बजत

आप अपने यूनिट में Roof Top Solar System को लगा कर अपने बिजली बिल को 80 फीसदी कम कर सकते हैं। लेकिन यह व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। 

क्योंकि 80 फीसदी कम करने के लिए आपको काफी रूफ टॉप एरिया की जरूरत पड़ती है, जिसे उपलब्ध करना आसान नहीं है। ऐसे में आपके लिए 30 किलोवाट सोलर सिस्टम की ओर रुख करना सबसे अच्छा विकल्प होगा।

आज के दिन में यदि आपके पास 30 किलोवाट का साइट है और आप हर महीने करीब 35 हजार बिजली बिल भर रहे हैं, तो इसे आप 30 से 40 फीसदी तक आसानी से कम कर सकते हैं। 

क्यों लोग हटते हैं पीछे?

आज कई लोग इसी सोच के कारण सोलर नहीं अपनाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उनकी बिजली बिल 100 फीसदी कम हो जाए। लेकिन इस दिशा में आगे बढ़ना, आपके बिजनेस के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

क्योंकि मान लीजिए कि यदि आपके यहाँ हर महीने 1 लाख का बिजली बिल आर रहा है, तो 30 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने के बाद आपको सिर्फ 70 हजार ही भरना पड़ेगा। इस तरह बाकी राशि का इस्तेमाल आप अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।

वहीं, मान के चलिए कि आपका बिजनेस हर साल करीब 3 से 5 करोड़ का है, तो आपके लिए सोलर सिस्टम के जरिए 0.5% की बचत भी एक बड़ी रकम होगी। 

वहीं, एक अन्य सच्चाई यह भी है कि आज देश में जितनी भी 100 करोड़ की कंपनियां हैं, अधिकांशतः अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। इससे उन्हें हर साल करोड़ों का फायदा होता है।

Tax Rebate का फायदा

अपने बिजनेस सेट अप में सोलर सिस्टम का इस्तेमाल करने का दूसरा फायदा यह है कि इससे आपको टैक्स भरने के दौरान भी काफी फायदा होता है।

बता दें कि आज जितनी भी कंपनियां हैं, उन्हें हर साल टैक्स फाइल सबमिट करना पड़ता है। ऐसे में सोलर सिस्टम के पीछे खर्च करना उनके लिए एक बड़ा निवेश साबित हो सकता है, जिसके बारे में आज ज्यादा लोगों को पता नहीं है।

क्योंकि इस पर सरकार आपको 40 फीसदी की छूट देती है। मान लीजिए कि यदि आपका सलाना टर्न ओवर 10 लाख से अधिक है, तो आपको 30 प्रतिशत टैक्स के रूप में सरकार को देना होगा। इस लिहाज से यह आपके लिए काफी फायदे का सौदा साबित हो सकती है।

Good for The Environment

चूंकि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के संकट से जूझ रही है। ऐसे में आपका सोलर एनर्जी की तरफ रुख करना पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई को काफी मजबूत कर सकता है। क्योंकि यह कार्बन फूटप्रिंट को कम करने में काफी सक्षम है।

साथ ही, आप Carbon Credit को बेच कर पैसे भी कमा सकते हैं। 

How can I do Rooftop Solar Financial Analysis?

बता दें कि आज भारत में बिजली की माँग साल दर साल 7 फीसदी से लेकर 10 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रही है।

ऐसे में, आप यदि 30 किलोवाट का सोलर पैनल लगाते हैं, तो आपको इसे लगाने में करीब 18 लाख से 30 लाख का खर्च आएगा। यदि इससे हर दिन 120 यूनिट से लेकर 150 यूनिट तक बिजली बन रही है, तो इस हिसाब से 25 साल में करीब 9 लाख यूनिट बिजली का निर्माण होता है।

वहीं, आज कमर्शियल सेक्टर में बिजली की दर 10 रुपये प्रति यूनिट है। यदि आप इस दर से भी आंकलन करें तो यह कम से कम 90 लाख रुपये का बिजली बनाएगी। हालांकि, आने वाले समय में यह आँकड़ा करीब 1.5 करोड़ को आसानी से छू लेगा।

इस हिसाब से आपको सोलर सिस्टम लगाने के बाद, कम से कम 3 से 5 गुना फायदा आसानी से मिल रहा है।

कैलकुलेशन के लिए यहाँ क्लिक करें - https://www.loomsolar.com/blogs/calculator/solar-calculator 

Can I install rooftop solar on loan or easy EMI?

चूंकि, इसके लिए 18 से 30 लाख रुपये की जरूरत होती है। इसलिए कोई भी बिजनेस मैन अपने बिजनेस अकाउंट से इतना भारी निवेश करने से बचते हैं और वे बैंक लोन या ईएमआई का सहारा लेते हैं। 

अगर वे ईएमआई ले रहे हैं, तो वे 30 प्रतिशत डाउन पेमेंट कर सकते हैं और शेष 70 फीसदी ईएमआई के रूप में चुका सकते हैं। इसके लिए आज कई बैंक सुविधाएं देती हैं।

सोलर फाइनेंस के लिए यहां क्लिक करें - https://www.loomsolar.com/pages/solar-loan

Does rooftop solar work in rainy and cloudy weather or power cut duration?

कोई भी सोलर सिस्टम यदि गर्मी के मौसम में हर दिन 120 यूनिट बिजली बना रहा है, तो बरसात के मौसम में वह उसका करीब 30 से 40 फीसदी यानी करीब 50 यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा। 

वहीं, पावर कट के दौरान वहाँ पर Generator Synchronization होगा, तो उस दौरान भी सोलर पैनल से बिजली बनना जारी रहेगा। इस तरह दिन के समय में आपको कभी बिजली की परेशानी नहीं होगी।

How to choose the best rooftop solar installers in my city?

सबसे अच्छे सोलर इंस्टालर को खोजने का सबसे अच्छा तरीका निम्न है -

1. Installation Portfolio: बता दें कि बाजार में सबसे ज्यादा सोलर सिस्टम रिफरेंस के जरिए बिकते हैं। इसलिए किसी भी वेंडर को अप्रोच करने से पहले यह चेक करें कि उसका पोर्टफोलियो कैसा है और उन्होंने अभी तक कितने सोलर सिस्टम इंस्टाल किये हैं। आप हमेशा अनुभवी इंस्टालर को प्राथमिकता दें। इससे कोई रिस्क नहीं रहेगा।

2. Local Presence: वहीं, दूसरा तरीका यह है कि यह हमेशा ध्यान रखें कि आप जिस कंपनी का सोलर सिस्टम खरीदना चाह रहे हैं, उनकी स्थानीय स्तर पर कोई उपस्थिति है या नहीं। इससे सोलर सिस्टम में कोई परेशानी आने पर, आपको काफी राहत मिलेगी।

How to install 30 kW Rooftop Solar for Commercial Sector?

इसके निम्न घटक हैं

Step 1: Site Survey: इसके लिए आपको सबसे पहले साइट सर्वे करना होगा और रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के बाद नेट मीटर लगाना होगा।

Step 2: Rooftop Solar Design: फिर रूफ डिजाइन करते हुए, निम्न प्रक्रियाओं को अपनाएं 

Step 3: Panel Stand Installation

Step 4: Mounting Solar Panels

Step 5: Inverter Installation

Step 6: Solar Wiring (Commissioning)

  • Solar Panels to Solar Panels
  • Solar Panels to DCDB
  • DCDB to Solar Inverter
  • Solar Inverter to ACDB
  • ACDB to Main Distribution Board
  • Main Distribution Board to Net Meter
  • Net Meter to Electricity Transformer

Step 7: Earthing & Lighting Arrester Installation

Step 8: No Export Setup

Step 9: Online Monitoring Setup

Step 10: Testing

Step 11: Prepare Documentations for Net Metering

Step 12: Apply Net Meter

Step 13: Electricity Bill Adjustment

Step 14: Tax File Return

How can I get solar insurance for my rooftop solar?

आज के समय में बहुत सारे लोग असुरक्षा के कारण सोलर पैनल खरीदने से पीछे हट जाते हैं। चूंकि यह एक आउटडोर प्रोडक्ट है और इसमें आप 30 लाख रुपये भी खर्च कर रहे हैं। लेकिन इस पर कभी भी वज्रपात गिरने, आँधी तूफान में टूटने और चोरी होने का डर रहता है।

वहीं, सोलप पैनल बनाने वाली कंपनी आपको फिजिकल डैमेज के लिए कोई वारंटी नहीं देती है। तो इन्हीं मुद्दों को लेकर हाल के वर्षों में Solar Insurance का कांसेप्ट आया है। जिसके तहत आप अपने सोलर सिस्टम का इंसुरेंस करा सकते हैं और किसी भी तरह के नुकसान से बच सकते हैं। इसके लिए आपको इंसुरेंस कंपनी को घर के सभी एप्लायंसेज की जानकारी देनी पड़ती है।

Why choose Loom Solar?

लूम सोलर कंपनी को चुनने के कई वजह हैं। जैसे -

1. एक सोलर मैन्युफैक्चरर और इंस्टालर में फर्क होता है। लूम सोलर देश की नंबर 1 सोलर मैन्युफैक्चरर कंपनी है, जो अत्याधुनिक तकनीकों से लैस उच्च क्षमता की सोलर पैनल और लिथियम ऑयन बैटरी बनाने के लिए जानी जाती है।

2. सोलर सिस्टम एक्सपीरियंस पर बिकता है और लूम सोलर के पास रेसिडेंसियल और कमर्शियल सेक्टर में इसे लगाने का 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

3. लूम सोलर Rooftop Solar में इंजीनयरिंग इंप्लीमेंटेशन करती है, जिससे आपका अधिक बिजली बिल और रूफ टॉप स्पेस बचता है।

4. इसे स्टार्ट-अप इंडिया, Amazon, D2C, आदि जैसे सरकारी और निजी कंपनियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

5. हमारे पास 100+ लोगों की टम, 2 ऑफिस, 1 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और 3 देशों में अपना कारोबार है।

निष्कर्ष

हमें यकीन है कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा। यदि आप 30 किलोवाट सोलर इंस्टालेशन के बारे में और अधिक जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो अभी हमसे संपर्क करें। हमारे विशेषज्ञ आपकी मदद के लिए हमेशा ही तैयार रहते हैं।

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