इलेक्ट्रिक कार के लिए सोलर सिस्टम से होगी दोहरी बचत

पांच साल पहले तक इलेक्ट्रिक कार (Electric Car), एक दूर की कौड़ी लगती थी लेकिन आज ये ऐसी वास्तविकता में बदल चुकी है, जो कि आपके बेहद करीब है। अगर आप आज बाजार में अपने लिए इलेक्ट्रिक कार, एसयूवी, टूव्हीलर, थ्री-व्हीलर खरीदना चाहते हैं तो आपके पास ढेरों विकल्प हैं। ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के अनुसार आज देश में अलग अलग वर्गों में 100 से अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकलों के अलग अलग वेरिएंट उपलब्ध हैं।

 

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Electric Vehicles) के आज ढेरों फायदें हैं और नुक्सान एक भी नहीं। इस पर शुरुआत में खर्च कुछ अधिक आता है क्योंकि नई तकनीक होने के कारण इन वाहनों के दाम कुछ अधिक हैं। दिल्ली सरकार ने अपने सभी निवासियों को इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 1.5 लाख रुपए की सब्सिडी दी है।

 

 

इलेक्ट्रिक वाहनों का दूसरा सबसे बड़ा फायदा ये है कि इन के रखरखाव पर भी काफी कम खर्च आता है, क्योंकि इनमें कोई इंजन नहीं है। इसमें एक इलेक्ट्रिक मोटर होती है और उसके रखरखाव का खर्च भी काफी कम है। इनकी बैटरी को भी 7-8 साल बाद ही बदलना होता है और हर साल उनकी कीमत भी कम हो रही है।

 

ईवी चलाने का दैनिक खर्च भी काफी कम है। अब तक की स्टडी के अनुसार इलेक्ट्रिक कार पर बिजली की दरों के अनुसार प्रति किलोमीटर लागत 0.80 पैसे से 1.25 रुपए तक है। इसमें चार्जिंग एवं अन्य खर्च शामिल हैं। जबकि पेट्रोल और डीजल में प्रति किलोमीटर का खर्च 4 रुपए से 7 रुपए तक आता है। इसके साथ ही अगर आप बीते 10 साल का आंकड़ा भी देखेंगे तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हर साल 10 से 15 फीसदी की औसत बढ़ोतरी आई है। जबकि बिजली की कीमतों में ये बढ़ोतरी काफी कम है।

 

फॉसिल फ्यूल पर ना होने के कारण इलेक्ट्रिक व्हीकल से प्रदूषण की भी कोई संभावना नहीं है। इस प्रकार से ये पर्यावरण के लिए भी पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

भारत बनेगा सबसे बड़ा बाज़ार

साल 2025 तक भारत, जापान को पीछे छोड़ कर दुनिया का तीसरा बड़ा बाज़ार बन जाएगा। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक़, तब तक भारत में क़रीब 74 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी। 2022 में लीथियम-आयन बैटरियों की मांग 10 गीगावाट और 2025 तक इसके 50 गीगावाट पहुंचने की संभावना है।

 

एक यूनिट बिजली के चार्ज में कितने किलोमीटर चलती है इलेक्ट्रिक कार?

लोगों में इलेक्ट्रिक कार को लेकर इस तरह के कई सवाल हैं-

कितनी होती है बैट्री?

अगर इलेक्ट्रिक कार की बात करें तो अलग अलग तरह के मॉडल पर कार की बैट्री निर्भर करती है। भारत में बिक रही कारों की बात करें तो इन कारों में 15 से 19 के एमएच की बैट्री होती है.

एक बार चार्ज में कितने किलोमीटर चलती है?

सामान्य तौर पर एक 15 केएमएच बैट्री के खर्च पर 100 किलोमीटर तक कार चलती है। वहीं टेस्ला की कुछ कारें एक बार चार्ज होने पर 500 से ज्यादा किलोमीटर तक चलती है।

कितनी देर में होती है चार्ज?

एक बैट्री को पूरी तरह चार्ज करने में कितना समय लगेगा, यह पूरी तरह सप्लाई पर निर्भर करता है. आपके बिजली पॉइंट आदि पर यह निर्भर करता है. अगर आप घर में इसे चार्ज में लगाते हैं तो 15 से 18 केएमएच की बैट्री को चार्ज होने में 9 से 11 घंटे लगते हैं।

कितना होता है खर्चा?

ईवी (EV) में 1 केएमएच बैटरी चार्ज करने में एक यूनिट बिजली का खर्चा आता है औसतन 6 से 11 रुपए प्रति यूनिट, अलग अलग राज्यों में लागू दरों के अनुसार आता है।

ईवी (EV) की स्पीड

इलेक्ट्रिक व्हीकल अब अन्य गाडियों की तरह ही पिकअप रखते हैं। जगुआर की नई पेस तो 0.4 सैकेंड में 0 से 100 की स्पीड पकड़ती है।

चार्जिंग का समय अलग अलग

औसत चार्जर अभी भी ईवी को 8 से 10 घंटों में चार्ज करते हैं, जबकि कई सुपर चार्जर 2 से 3 घंटों में बैटरी को फुल करने की क्षमता रखते हैं।

बैकअप टाइम (Backup Time)

इंटरसिटी ड्राइव में औसतन यूजर्स 30 से 40 फीसदी ही बैटरी यूज होती है जो कि आप तीन-चार घंटों में ही चार्ज कर सुबह बैटरी फिर से फुल प्राप्त कर सकते हैं।

टॉप स्पीड (Top Speed)

औसतन ईवी में टॉप स्पीड 120 से 140 रहती है। लग्जरी कारों और एसयूवी में टॉप स्पीड 220 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है। एमजी और जगुआर अपने मॉडल्स में सनरूफ तक का भी फीचर्स दे रही हैं।

इलेक्ट्रिक कार कैसे काम करती हैं

पेट्रोल कार के इंटर्नल कॉम्बूस्टन इंजन के विपरीत, इलेक्ट्रिक कार में कुछ ही कम्पोनेंट्स होते हैं। जिनमें डीसी मोटर, लीथियम ऑयन बैटरी, इनवर्टर, चार्जर आदि। इलेक्ट्रिक कारों में बैटरियां महंगी होती हैं और एक समय के पश्चात् उन्हें बदलना पड़ता है, इसके अलावा इनका रख-रखाव खर्च बहुत कम होता है। ईवी में बैटरीज मोटर को रोटेट करती हैं और उसी से कार चलती है।

 

इलेक्ट्रिक कार और डीजल-पेट्रोल कार में तुलना

 

तुलना 

ईवी

डीजल / पेट्रोल

लागत

रु. 1 प्रति किमी

रु. 7 प्रति किमी

निवेश

13 से 25 लाख रुपए

4 से 18 लाख रुपए

कार्य अवधि

8 - 9 वर्ष

15 वर्ष

उपयोगी

इंटरसिटी

इंटरसिटी और शहर से बाहर भी

हाई स्पीड

100 - 200 किमी/ प्रति घंटा

180 - 260 किमी/ प्रति घंटा

 

भारत, 2021 में पांच प्रमुख इलेक्ट्रिक कार निर्माता

-टाटा मोटर्स, भारत की एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी है। कंपनी ने साल 1999-20 में भारतीय बाजारों में टाटा नेक्सॉन और टिगोर के ईलेक्ट्रिक व्हीकल को पेश किया है। कंपनी इसके 3000 से अधिक यूनिट बेच चुकी है। इसकी कीमत करीब 14 से 16.25 लाख रुपए है।

 

-एमजी मोटर्स, ने 2020 में जैडएस ईवी को पेश किया था और कंपनी इसके 1400 से अधिक यूनिट बेच चुकी है। इसकी कीमत करीब 21 से 24 लाख रुपए है। कंपनी इस साल में 20 लाख रुपए से कम के वर्ग में नई कार या एसयूवी लाएगी।

 

-हुंडई इंडिया, एक कोरियाई कंपनी है, जिसने साल 2020 में हुंडई कोना इलेक्ट्रिक को भारत में पेश किया है। कंपनी इसके कुछ सौ यूनिट बेच चुकी है। हुंडई अपने ईवी कार पोर्टफोलियो को बढ़ाने का प्रयास कर रही है। कोना ईवी की कीमत 23.75 लाख से 23.94 लाख रुपए के बीच है।

 

-महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक भारतीय कंपनी है, जो कि काफी समय से ईवी सेगमेंट में रिसर्च एंड डेवलपमेंट कर रही है। कंपनी ने महिंद्रा ईओ2प्लस ईवी कार को भारतीय बाजार में पेश किया है। इसकी कीमत 7.25 लाख रुपए से 8.25 लाख रुपए के बीच है

 

-टेस्ला, एलन मस्क की एक अमेरिकी कंपनी है, जोकि काफी तेजी से ईवी बाजार में कई मॉडल पेश कर चुकी है। कंपनी भारत में भी इसी साल अपनी कारों को लेकर आ रही है।  

 

अन्य कंपनियां

 

-इनके अलावा मारुति सुजुकी, बजाज भी ईवी वर्ग में तेजी से अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

आम लोगों के अन्य प्रश्न

इलेक्ट्रिक कारों के लिए चार्जिंग समय क्या है?

 

    -डीसी क्विक चार्जर सीसीएस टाइप 2-50 किलोवॉट कोना इलेक्ट्रिक को डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशनों पर चार्ज किया जा सकता है। 1 घंटे (57 मिनट) से कम समय में 80% तक चार्ज- आपके स्मार्ट फोन को चार्ज होने में कम समय लगता है।

     

    एसी वॉल बॉक्स चार्जर-7.2 किलोवॉट वॉल-माउंटेड चार्जर फास्ट चार्जिंग के लिए घर या ऑफिस परिसर में स्थापित किया गया है। फुल चार्ज होने में लगभग 6 घंटे 10 मिनट लगते हैं।

     

    कार के साथ पोर्टेबल चार्जर- 2.8 kW कार एक इन-केबल कंट्रोल बॉक्स (आईसीसीबी) से लैस है जिसे आप एक सामान्य वॉल सॉकेट में प्लग कर सकते हैं। इसे फुल चार्ज होने में 19 घंटे का समय लगेगा।

     

    क्या हम घर पर इलेक्ट्रिक कार चार्ज कर सकते हैं?

     

      -हां, इलेक्ट्रिक कार चार्जर हर इलेक्ट्रिक कार के साथ आता है। ये पोर्टेबल और मेन चार्जर के तौर पर होता है।

       

      इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी लाइफ क्या है?

       

        -ईवी कारों की बैटरी की औसतन लाइफ 8 साल  या 160,000 किमी होती है और बैटरी वारंटी के साथ आती हैं।

         

        इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी की कीमत क्या है?

         

          -वर्तमान दरों के अनुसार 40KW बैटरी के लिए औसतन 20,000 प्रति किलोवाट लागत होती है जो कि करीब 8 लाख रुपए बनती हैं (5 से 8 साल बाद ये 4 लाख रुपए होगी)।

           

          इलेक्ट्रिक कारों की शीर्ष गति क्या है?

             

            -ईवी औसतन 100 किमी की गति पर चलती हैं।

             

            क्या इलेक्ट्रिक कारों का इस्तेमाल पहाड़ियों में किया जा सकता है?

               

              इसका सुझाव कम ही दिया जाता है क्योंकि वहां पर चार्जिंग पॉइंट कम होती है और चढ़ाई पर बैटरी तेजी से ड्रेन होती है।

               

              इलेक्ट्रिक कारों के लिएसर्विस खर्च कितना रहता है?

                 

                -कंपनियां अपने ग्राहकों को 24x7 इमरजेंसी रोड असिस्टेंस की सुविधा प्रदान करती हैं। कम रखरखाव

                क्या इलेक्ट्रिक कारों पर कोई सरकारी सब्सिडी है?


                  आम तौर पर केन्द्र सरकार कोई सब्सिडी नहीं देती है। ईवी पर दिल्ली सरकार दिल्ली निवासी ग्राहक को 1.5 लाख रुपए की सब्सिडी देती है।  

                   

                  मुझे सौर पैनलों की कौन सी और कौन सी क्षमता के लिए जाना चाहिए?


                    लिथियम बैटरी क्षमता - 40KW

                    चार्जर आउटपुट - 32 

                    चार्जिंग टाइम - 6 घंटे

                    इलेक्ट्रिक आवश्यक – 42 यूनिट्स

                    बिजली बिल  रु. 315 से 500 (वन टाइम चार्ज) | रु. 5,000 से 10,000  (अलग अलग राज्यों में बिजली की दरों के अनुसार)

                     

                    आप कैसे अपने ट्रांसपोर्ट का खर्च जीरो कर सकते हैं?

                    अगर आप अपने लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपको इसके लिए सोलर पावर सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप घर पर सोलर सिस्टम लगाकर पूरा दिन बिजली बना कर ग्रिड में सप्लाई दे सकते हैं, फिर रात को घर पर आकर उसी ग्रिड से ईवी को चार्ज कर सकते हैं। ऐसे में आपका चार्जिंग खर्च 0 या मामूली ही रह जाएगा। ऐसे में लूम सोलर आपको सबसे बेहतर सोलर सिस्टम प्रदान कर सकती है। देश की सबसे तेजी से ग्रोथ दर्ज कर रही रूफटॉप सोलर कंपनी लूम सोलर आज 25000 से अधिक रीसेलर्स के साथ काम कर रही है। वह आपकी जरूरत, टाइप, कैपेसिटी, रिर्टन, मैंटेंस, इंस्टालेशन, नेट मीटरिंग और प्राइसिंग आदि के बारे में विस्तार से बात करेगी और आप सारी जानकारी हासिल कर इसको लगवाने का फैसला कर सकते हैं। इस संबंध में आपको अपने घर पर इंस्टाल मीटर की क्षमता को 10 किलोवॉट करवाना जरूरी है।

                    इन टिप्स पर सर्वाधिक ध्यान दें

                    सोलर सिस्टम की क्षमता - 5KW (इसे घरेलू खपत के अनुसार बढ़ाया जा सकता है)

                    सोलर सिस्टम प्रकार - ग्रिड कनेक्टेड (ग्रिड सोलर सिस्टम पर)

                    सोलर पैनल - शार्क 440W

                    पीवी मॉड्यूल की संख्या- 10

                    इन्वर्टर टेक्नोलॉजी - माइक्रो इन्वर्टर

                    सिस्टम की बैलेंसिंग- अपने इंस्टालेशन एरिया के अनुसार कस्टमाइज्ड

                    नेट मीटर-अनिवार्य

                    इंस्टालेशन का समय-पहला फेज-स्मार्ट रिमोट मॉनिटरिंग डिवाइस और दूसरा फेज-नेट मीटर इंस्टालेशन के साथ सोलर पैनल इंस्टालेशन

                    सिस्टम लागत:  रु. 4,50,000

                    लोन सुविधा - केनरा बैंक और यूनियन बैंक

                    कर लाभ - 30% (कुल मिलाकर)

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