वह द्वीव, जो पूरी तरह चलता है सोलर सिस्टम से

आज ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोत के रूप में, पूरी दुनिया में सोलर सिस्टम की माँग काफी बढ़ गई है। इससे लोगों को न सिर्फ हजारों के बिजली बिल से राहत मिल रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिल रही है।आज हम आपको एक ऐसी ही रोचक कहानी बताने जा रहे हैं, जो पूरी दुनिया के सामने किसी उदाहरण से कम नहीं है।दरअसल, यह कहानी है प्रशांत महासागर के बीचों बीच बसे Tau Island की। यह द्वीव अमेरिकन समोआ का हिस्सा है और अमेरिका के वेस्ट कोस्ट से करीब 4000 मील दूर है।

आकार में यह द्वीव सिर्फ 50 वर्ग किलो मीटर का है और यहाँ की आबादी करीब 800 है। समुद्र के बीचों बीच होने के कारण, यहाँ लोगों की जिंदगी काफी मुश्किल है और पहले यहाँ लोगों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को हासिल करने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।

कैसे बनाते थे बिजली?

पहले इस द्वीव के लोग अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए जनरेटर का इस्तेमाल करते थे। जो इनके लिए काफी महंगा साबित होता था।

कब आया बदलाव

साल 2016 में, यहाँ के लोगों की परेशानियों को देखते हुए Tesla और Solar City ने साथ आने का फैसला किया और तय किया कि वे इस द्वीव पर सोलर सिस्टम लगाएंगे और इसे बिजली के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाएंगे।

कितना बड़ा है दायरा

Tesla और Solar City जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने मिल कर यहाँ 5300 से भी अधिक सोलर पैनल लगाएं हैं। जबकि, इस द्वीव पर बड़े पैमाने पर बिजली को स्टोर करने के लिए 60 से भी अधिक टेस्ला पावर पैक्स लगाए गए हैं। 

इन पावर पैक्स की क्षमता इतनी अधिक है कि यदि इस द्वीव पर 3 दिनों के लिए भी थोड़ी सी भी धूप नहीं आए, तो लोगों के लिए परेशानी की कोई बात नहीं।उन्हें लगातार बिजली मिलती रहेगी और वे अपना काम बिना किसी रूकावट के जारी रख सकते हैं।

कितना आया खर्च 

टेस्ला और सोलर सिटी को इस प्रोजेक्ट को अंजाम देने में करीब 8 मिलियन डॉलर का खर्च आया है और इतने खर्च में ही इस द्वीव की दशा और दिशा हमेशा के लिए बदल गई है।

भारत में भी है ऐसी पहल की जरूरत 

आज जब हमारे देश में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट तेजी से बढ़ता रहा है और लगातार बिजली कटौती और महंगाई के कारण लोगों को अपने दैनिक कार्यों में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, तो देश के गाँवों और शहरों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और प्रकृति की रक्षा करने में एक राष्ट्र के रूप में अति महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के लिए, इस तरह के सोलर प्रोजेक्ट पर विचार करना काफी सार्थक साबित हो सकता है, जो समय की माँग भी है।

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है कि यह कहानी आपको पसंद आई होगी। यदि आप सोलर एनर्जी के बारे में ऐसे ही एक से बढ़ कर एक जानकारियां हासिल करना चाहते हैं, तो हमारे साथ बने रहें। वहीं, यदि आप अपने घर में सोलर सिस्टम लगाने के बारे में कोई भी जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो अभी हमसे संपर्क करें। हमारे विशेषज्ञ आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

1 comment

Sanjaykumar

Sanjaykumar

Varygood thanks

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