Marriage Hall को सोलर से बनाएं आत्मनिर्भर

दिल्ली एनसीआर में दिवाली या छठ के दौरान पटाखे जलाने या जनरेटर चलाने पर सरकार द्वारा पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जाती है और यह संभव है कि आने वाले कुछ समय में पूरे देश में जनरेटर के इस्तेमाल पर ही रोक लगा दी जाए।ऐसे में पावर बैकअप सॉल्यूशन के तौर पर, सबसे बेहतर विकल्प क्या है? हम आपको बताने जा रहे हैं इस लेख में।

पहला केस स्टडी

नई दिल्ली में एक ओम गार्डन है। इस गार्डन में लोग सब्जी मंडी लगाते हैं। हमने यहाँ के 2 लोगों से बात की, कि उनके दुकान में बिजली कहाँ से आती है?चूंकि, किसी भी दुकान को चलाने के लिए लोगों को बिजली की जरूरत हमेशा रहती है। वहीं, कोई भी सब्जी मंडी दिन के बजाय शाम के वक्त ज्यादा चलती है और यहाँ लोगों को लाइट, छोटा फैन, मोबाइल चार्जिंग, आदि जैसी चीजों के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है।चूंकि, इस प्रकार के मार्केट ऐसे जगह पर होते हैं, जहाँ सरकारी बिजली की पहुँच न के बराबर होती है। ऐसे में उनकी जरूरत जनरेटर से पूरी होती है।

कितनी बिजली की जरूरत होती है?

बता दें कि एक सब्जी के दुकान में ज्यादा से ज्यादा 100 वाट बिजली की जरूरत होती है और एक मंडी में कम से कम 50 दुकान आसानी से लगते हैं।उस हिसाब से एक घंटे में करीब 5 किलोवाट बिजली की जरूरत पड़ती है और इतने बिजली के उत्पादन के लिए कम से कम 10 किलोवाट के जनरेटर की जरूरत पड़ती है।इस अनुसार, यदि एक दिन में 6 से 7 घंटे जनरेटर चलते हैं, तो आपको कम से कम हर दिन 2 हजार रुपये का खर्च आएगा। इस प्रकार हर महीने करीब 60 हजार का खर्च आसानी से आएगा।

क्या है विकल्प?

ऐसे में यदि यहाँ 5 से 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगा लिया जाए, तो इससे बिजली का सभी जरूरतें पूरी हो जाएगी और लोगों को काफी बजत होने के साथ, ही मालिकों को भी आमदनी का एक बेहतर जरिया मिल सकता है।

दूसरा केस स्टडी

आज जितने भी मैरिज हॉल हैं, उसमें शादियां साल में सिर्फ 1 महीने के आस-पास होती है। बाकी 11 महीनों के दौरान कोई न कोई अक्सर होता ही रहता है।ऐसे में किसी भी मैरिज हॉल को चलाने के लिए भारी बिजली की जरूरत पड़ती है। बता दें कि यहाँ डीजे, एसी, फैन, लाइट, टीवी, गीजर, कूलर आदि जैसी चीजों के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है।

ऐसी स्थिति में वहाँ जनरेटर की जरूरत हमेशा बनी रहती है। क्योंकि यहाँ के मालिक सरकारी बिजली पर भारी अनियमतिता के कारण निर्भर नहीं हो सकते हैं।लेकिन ऐसे में सोलर सिस्टम को अपनाना उनके लिए सबसे फायदे का सौदा है। इससे उन्हें न सिर्फ लाखों का बचत होगा। बल्कि निर्बाध बिजली की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

किन राज्यों में है सबसे ज्यादा चलन?

बता दें कि आज के समय में गोवा, असम, कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में इस तरह के प्रोजेक्ट की काफी डिमांड है।

कितने वाट का सोलर सिस्टम लगेगा?

यदि किसी मैरिज हॉल में सोलर सिस्टम लगाना है, तो इसके लिए कम से कम 30 किलो वाट से लेकर 50 किलो वाट तक के सोलर सिस्टम को इंस्टाल करना होगा। इससे आप बिजली के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो सकते हैं।

हमने पटना में ऐसे ही एक प्रोजेक्ट पर काम किया, जहाँ एक मैरिज हॉल में 100 किलो वाट का सोलर सिस्टम लगा है और उसे सरकारी बिजली या जनरेटर की कोई जरूरत नहीं होती है।

कितना आएगा खर्च?

यदि आप 30 किलो वाट से लेकर 50 किलो वाट तक के सोलर सिस्टम को इंस्टाल कर रहे हैं, तो इस पर आपको 30 लाख से लेकर 50 लाख तक का खर्च आसानी से आएगा।

कहाँ लगेगा सोलर पैनल?

किसी भी मैरिज हॉल में सोलर सिस्टम को लगाने के लिए आपको High Rise Structure विकसित करना पड़ेगा। यह वास्तव में एक ऐसा स्ट्रक्चर होगा, जिस पर आप आसानी से चल भी सकते हैं और इसका इस्तेमाल छत की तरह कर सकते हैं। बता दें कि यह एरिया पूरी तरह से वाटर प्रूफ रहता है।

वहीं, इस प्रकार के प्रोजेक्ट में Bifacial Solar System लगाया जाता है, ताकि कम जगह में भी अधिकतम बिजली का उत्पादन हो।

क्या-क्या आएगा?

यदि इंस्टालेशन पैक के बारे में बात की जाए, तो इसमें सोलर पैनल के साथ लिथियम ऑयन बैटरी और इंवर्टर आएगा।बता दें कि लूम सोलर द्वारा तैयार लिथियम ऑयन बैटरी का नाम CAML 100 है, जो अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है। इसकी एक बैटरी 4 बैटरी के बराबर अकेले है। साथ ही, यह एक आकर्षक कैबिनेट में आता है, जिसे आप आसानी से कहीं भी रख सकते हैं।

किसके डायरेक्शन पर होगा काम?

बता दें कि यह पूरा काम किसी इंटीरियर डिजाइनर के मार्गदर्शन में होगा।

कैसे लें लोन?

चूंकि किसी भी बिजनेसमैन के लिए सोलर सिस्टम के पीछे 30 लाख से 50 लाख तक खर्च करना काफी महंगा साबित हो सकता है। ऐसे में, वे इसे खरीदने के लिए सोलर लोन का भी लाभ ले सकते हैं, जो आज काफी आसानी से उपलब्ध है।

बता दें कि मैरिज हॉल MSME’s के अंतर्गत आता है और आज आपको 70 से 80 फीसदी का सोलर लोन आसानी से हासिल हो सकता है।वहीं, सोलर लोन लगाने से आपको टैक्स में भी 40 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है।सोलर लोन के लिए आवेदन करने के लिए यहाँ क्लिक करें - https://loan.loomsolar.com/

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा। यदि आप अपने यहाँ सोलर सिस्टम लगाना चाहते हैं, तो अभी हमसे संपर्क करें। हमारे विशेषज्ञ आपकी जरूरतों को समझते हुए, आपकी साइट का विजिट करेंगे और आपको आगे की राह दिखाएंगे।

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