कैसे शुरू करें EV Charging Station Business?

भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री (Automobile Industry In India) दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इंडस्ट्री है और भारत के जीडीपी में इसका योगदान 2.3 प्रतिशत है। आज के समय में  बाजार में Tata Motors, Ashok Leyland, Mahindra & Mahindra, Force Motors, Eicher Motors, Royal Enfield, Sonalika Tractors जैसी कई कंपनियां उपलब्ध हैं।

क्या है नया? (What's New In Automobile Industry)

आज पर्यावरण संबंधित चुनौतियों और निरंतर महंगे होते डीजल और पेट्रोल के कारण पूरी दुनिया में Green Energy का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इस कैटेगरी में Green Hydrogen, Electric Vehicle, Ethanol आदि से चलने वाले वाहनों की माँग बीते कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ गई है। बात यदि सिर्फ भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles In India) की करें, तो इस सेक्टर में साल 2022 में 300 प्रतिशत से भी अधिक का उछाल आया। वहीं, 2019 से अब तक इस सेक्टर में 2000 प्रतिशत से भी अधिक की बढ़ोत्तरी हुई।

क्या है चुनौती (Challenges in Electric Vehicle Market)

आज जिस रफ्तार से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की माँग बढ़ रही है, उसके अनुसार सरकार को कई मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने की जरूरत है। इस कड़ी में, सबसे पहली चीज है - व्यापक स्तर पर EV Charging Station की स्थापना। 

भारत में ईवी चार्जिंग कंपनी (EV charging station companies in india)

बता दें कि आज के समय में भारत में Tata Power और Exicom दो सबसे प्रमुख ईवी चार्जिंग स्टेशन कंपनी है। इसके अलावा, बाजार में Charge Zone, Ather Energy, Charzer, Statiq जैसी कंपनियां भी मौजूद हैं।

ईवी चार्जिंग स्टेशन की कैपिसिटी (EV charging station capacity)

बता दें कि आज के समय में किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन की क्षमता 16 एम्पीयर से लेकर 250 किलोवाट तक आसानी से होती है। 

ईवी चार्जिंग कैलकुलेशन (EV charging calculation)

यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके इलेक्ट्रिक कार की बैटरी कितने किलोवाट की है। यदि आपको 16 एम्पीयर चार्जिंग की जरूरत होगी, तो उसके कुल लगने वाली बैटरी से डिवाइड कर देंगे।जैसे - Tata Nixon में करीब 32 किलोवाट की बैटरी लगी है, तो उसे चार्ज करने में आपको करीब 10 घंटे लगेंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कितने प्रकार के चार्जर होते हैं?

बता दें कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अधिकांश रूप से 3.3 किलोवाट, 7.2 किलोवाट के चार्जरों का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, यहाँ 60 किलोवाट के चार्जरों का भी इस्तेमाल किया जाता है। 

अपनाएं सोलर

बता दें कि आज के समय में पूरे देश में बिजली कटौती की समस्या काफी आम हो गई है। इसके अलावा, यदि आप अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए बिजली का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको प्रति घंटे कम से कम 300 रुपये से लेकर 350 रुपये तक का खर्च आएगा। लेकिन, अपने यहाँ सोलर इंस्टाल (Solar Installation) करवा कर, आप अपने बिजली बिल को पूरी तरह से जीरो कर सकते हैं। इससे आपका खर्च तो बचेगा ही, पर्यावरण संरक्षण की हमारी कोशिशों को भी और अधिक मजबूती मिलेगी।

कितने किलोवाट के सोलर की जरूरत पड़ेगी?

यदि आपके पास 7.2 किलोवाट का चार्जर है, तो उसके लिए आपके पास कम से कम 10 किलोवाट का सिस्टम होना चाहिए। वहीं, यदि 60 किलोवाट का है, तो 100 किलोवाट के माइक्रोग्रिड की।

किन किन चीजों की जरूरत पड़ेगी?

बता दें कि यदि आप अपने व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए, या कमर्शियल परपस से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सोलर एनर्जी की ओर रुख करना चाहते हैं, तो इसमें लीड एसिड बैटरी नहीं चलेगी। इसके लिए आपको लिथियम ऑयन बैटरी खरीदनी होगी। इसके अलावा सोलर पैनल और हाइब्रिड इंवर्टर भी लगेगा और हमारे पास ये तीनों की प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। 

कितना आएगा खर्च?

बता दें कि यदि आप 3.3 किलोवाट के चार्जर के लिए सोलर सिस्टम अपनाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको करीब 5 लाख रुपये खर्च करने होंगे। वही, यदि आप ससिर्फ इन्वर्टर बैटरी लेते हैं, तो इसमें आपको करीब 2.5 लाख रुपये का खर्च आएगा। 

वहीं, 7.2 किलोवाट के चार्जिंग प्वाइंट को स्थापित करने में आपको करीब 10 लाख रुपये का खर्च आएगा और यदि आप सिर्फ बैटरी खरीदते हैं, तो करीब 5 लाख का खर्च आएगा।इसके अलावा, यदि आप 100 किलोवाट के माइक्रो ग्रिड को लगाना चाहते हैं, तो इसमें 20 बैटरी लगेगी, जिसके लिए आपको करीब 55 लाख रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, इसमें आपको 200 सोलर पैनल भी लगाने होंगे। इस प्रकार आपको करीब 1 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। 

100 किलोवाट के माइक्रोग्रिड का फायदा

जैसा कि 100 किलोवाट के माइक्रोग्रिड को लगाने में आपको करीब 1 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लेकिन यदि आप एक बार इतना खर्च कर देते हैं, तो आपको इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए प्रति घंटे 300 रुपये से लेकर 350 रुपये की कमाई होगी। इस प्रकार आपको एक प्वाइंट से एक दिन में करीब 15 हजार रुपये और एक महीने में 4.50 लाख रुपये और एक साल में करीब 50 लाख रुपये की कमाई होगी और यदि आपके पास दो प्वाइंट है, तो आपको अपना ROI एक साल में ही मिल जाएगा और इसके अगले साल से आप फायदे ही फायदे में रहेंगे। वहीं, पेट्रोल पंप की तरह इसे लगाने में कानूनी झंझट भी कम ही हैं।

निष्कर्ष

यदि आप अपना Solar Microgrid लगाना चाहते हैं और हर महीने लाखों की कमाई करना चाहते हैं, तो अभी हमसे संपर्क करें। हमारे विशेषज्ञ आपकी मदद के लिए हमेशा ही तैयार रहते हैं। वे आपकी जरूरतों को समझते हुए, आपकी साइट पर जाएंगे और आपको आगे की राह दिखाएंगे।

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