5 मुख्य कारण जिसके बजह से नहीं है घरों में सोलर बिजली?

भारत में लोग बड़े पैमाने पर सोलर बीजली के साधन अपने घरों में क्यों नहीं लगाते? इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिनका एक संक्षिप्त विवरण यहाँ प्रस्तुत है। पहली बात तो यही कहनी पड़ेगी की आम लोगों में सोलर बिजली के साधन, उनकी कीमत और उनके फ़ायदों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है। यह नई टेक्नोलोजी कुछ ही समय पहले और काफ़ी कुछ नए विकल्प लेकर हमारे जीवन में आई है। उसकी जानकारी प्राप्त करना ज़रूर हितावह साबित हो सकता है।

भारत सरकार और सोलर बिजली के क्षेत्र में लगी हुई बहुत सारी कम्पनियाँ यह कोशिश तो लगातार कर रही हैं की ज़्यादा से ज़्यादा उपयोगी जानकारी लोगों को मिले, ताकि लोग इस बारे में अपने सही निर्णय ले सकें। प्रस्तुत विवरण भी इसी कोशिश का एक छोटा सा अंश है।

1. छत पर जगह ना होना

छत पर जगह ना होना

बहुत लोग ऐसे भी हैं, जो शायद सोलर बिजली के बारे में जानकार हैं, पर देखते हैं कि अपने घर की छत के ऊपर सोलर पैनल लगाने की जगह ही नहीं है। इन लोगों से हम यह कहेंगे कि घर की कोई भी RCC दीवार अगर दक्षिण की ओर पड़ती है, और उस पर दिन में धूप पड़ती है, तो उस दीवार पर भी सोलर पैनल लग सकते हैं। यह कैसे हो सकता है हमने इस फोटो में आपको दिखाया है।

इस हालत में एक और विकल्प यह भी है कि छत पर ही कुछ ऊंचाई का एक मज़बूत स्ट्रक्चर लगा कर सोलर पैनल लगाए जाएँ। इससे यह भी फायदा होगा कि पैनल के नीचे की जगह का और उपयोग भी हो सकता है, जैसे वहाँ गमले लगाना। 

2. बैटरी का खर्च

बैटरी का खर्च

 

कोई लोग शायद सोचते हैं कि सोलर बिजली की सिस्टम के साथ एक नई बैटरी भी खरीदनी होगी, जिससे सिस्टम की कुल कीमत बहुत बढ़ जाएगी।

 solar panel and charge controller

 

यहाँ हम सिर्फ यह कहना चाहेंगे कि अगर आप के घर में सही साईज़ की इन्वर्टर बैटरी पहले से लगी हुई है, तो सोलर सिस्टम को उसी के साथ भी जोड़ा जा सकता है। इस तरह से नई बैटरी के खर्च से बचा जा सकता है। इस हालत में बाकी की सिस्टम रु॰ २२,५०० और रु॰ ३५,००० के बीच लगाई जा सकती है।

यहाँ यह बात भी ध्यान में रखनी चाहिए की सोलर पैनल २५ साल तक बीजली पैदा करते हैं। A/C या फ्रिज जैसे बिजली के अन्य घरेलू उपकरण इतने समय तक सेवा नहीं दे सकते।

3. सरकार की ओर से सबसिडी

सरकार की ओर से सबसिडी

सरकारी सबसिडी जरूर एक पेचीदा प्रश्न है, क्योंकि भारत के हरेक राज्य के नियम और प्रक्रियाएँ कुछ अलग हैं। पर हम तो ग्राहक तो यही कहेंगे कि सबसिडी के बिना भी सोलर बिजली सिस्टम घरों में लगाने के काफ़ी फ़ायदे हैं, और सिस्टम लेने लायक है। सबसिडी मिले तो बहुत अच्छी बात है, मगर सिस्टम के फ़ायदे तो वैसे भी सालों तक ग्राहक को मिलेंगे।   

4. कौन सी सिस्टम लें?

A॰C॰ Module

जब हम घर के लिए कुछ भी खरीदते हैं, यह प्रश्न तो हमेशा आ ही जाता है!

सोलर पैनल के बारे में हम यह कहेंगे कि आप आधुनिक टेक्नोलोजी वाली सिस्टम लें, जिससे ज्यादा बिजली उत्पन्न हो, और जो सालों तक आपके परिवार के सुख और सुविधाएँ बढ़ाए। आप सोलर सिस्टम ऐसी कम्पनी से लें जो पूरी तरह से विश्वशनीय हो, और जिसके इंजीनियर आपके हर सवाल का संतोष-कारक जवाब दे सकें।

लूम सोलर की A॰C॰ Module सोलर पैनल का एक अत्याधुनिक स्वरूप है, जिसकी माहिती आपको इस लिंक से मिलेगी।

5. क्या सोलर सिस्टम के लिए लोन मिल सकती है?

क्या सोलर सिस्टम के लिए लोन मिल सकती है?

यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। हो सकता है कि इस पर राष्ट्रीय बैंक, निजी क्षेत्र की बैंक और सहकारी बैंक कुछ अलग-अलग माप-दंड रखते हों। Home Loan या तो फिर Home Improvement Loan में यह तो प्रावधान होता है कि घर के electrical wiring और उपकरणों के लिए लोन में पूरी व्यवस्था हो।

सोलर बीजली की सिस्टम भी electrical उपकरण के ग्रूप में ही आती है, तो लोन में सोलर सिस्टम की लागत को भी साथ में ना लेनेका कोई कारण नहीं बनता है। पर इस बात को बात जरूर बैंक के Loan Officer के ध्यान में लाकर उनसे मंजूर करानी होगी।

लूम सोलर के EMI प्लान की माहिती आपको इस लिंक से मिलेगी।

हमने सोलर सिस्टम के ग्राहक के मन में उठते हुए कुछ मुख्य प्रश्नों का स्पष्टीकरण यहाँ किया है। और माहिती के लिए ज़रूर हमारा संपर्क करें!

Also Read in English: Top 5 Reasons Behind People Aren't Installing Solar Panels in India?

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