बिहार में 15 अगस्त 2020 तक स्मार्ट प्री पेड मीटर का काम पूरा होगा : नीतीश

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की आबादी का 89 प्रतिशत हिस्सा गांवों में निवास करता है और उसमें 76 प्रतिशत आजीविका के लिये कृषि पर निर्भर हैं. कृषि के लिए बिजली की समुचित उपलब्धता जरुरी है और इसके लिए हरसंभव काम किये जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘स्मार्ट प्री–पेड’ मीटर को कैबिनेट से पास कर दिया गया है. इसका भार कंज्यूमर पर किसी प्रकार न पड़े, इसके लिए भी सहमति बन चुकी है. जल्दी से इसको पूरा करने के लिए तीनों एजेंसियों को इस काम में लगा दिया गया है ताकि 15 अगस्त 2020 तक इसे पूरा करा लिया जाए. प्री-पेड मीटर के हो जाने के बाद मीटर रीडिंग में होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सकेगा. 

सीएम ने कहा, सबसे बड़ी बात तो ये है कि जो जितना बिजली खर्च करेगा उस हिसाब से वो अपना बिजली रीचार्ज करेगा. उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है. मुफ्त में बिजली देना उचित नहीं है क्योंकि इससे पर्यावरण को संकट में डालने जैसी स्थिति बन जायेगी. वैसे लोग मुफ्त में बिजली की बात करते हैं, वह केवल एक पब्लिसिटी स्टंट से ज्यादा कुछ भी नहीं है. व्यावहारिक और तार्किक होकर इस पर सोचने की जरुरत है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्जर तार के गिरने से जो दुर्घटनाएं होती हैं, वह पीड़ादायक है. तार के लिए जो आपलोग नये कंडक्टर का उपयोग कर रहे हैं, इससे बिजली चोरी पर भी रोक लगेगी और बिजली का सही उपयोग होगा. डीजल की खपत कम होगी, इससे प्रदूषण से भी निजात मिलेगा. उन्होंने कहा कि हाइडल और सोलर पावर प्लांट के लिए हमलोगों ने निर्णय लिया है. हम तो कहते हैं कि तालाब में नीचे मछली और उसके ऊपर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जाए. इसके लिए आज ही एक प्रस्ताव भी आया है. सोलर पावर के लिए सरकारी कार्यालयों में सोलर प्लांट को रुफ टॉप पर लगाइये, इससे बिजली तो मिलेगी ही, इसे देखकर धीरे–धीरे लोग भी प्रभावित होंगे और इसका हम सब फायदा उठाएंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए कजरा और पीरपैंती में पहले थर्मल प्लांट लगाने की योजना थी, मगर अब यहां सोलर प्लांट 300-300 मेगावाट की क्षमता का लगाया जा रहा है यानि यहां कुल 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. सोलर प्लांट के लगने से बिजली उत्पादन के साथ-साथ हमारा पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा. सूर्य हमारा केंद्र है, यह सुपर पावर हैं, इन्ही की वजह से पहाड़, जंगल, पानी, जीव-जंतु और इंसान सुरक्षित हैं, ये सभी सौर ऊर्जा पर डिपेंडेट हैं, उनकी शक्ति का हम सब उपयोग करें. अक्षय ऊर्जा सबसे बड़ी शक्ति है और हमलोग सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नारियल फोड़कर बिहार विद्युत भवन 3 का कार्यारंभ किया. अलग कृषि फीडर निर्माण एवं शौचालय निर्माण से संबंधित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी. उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं एवं पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया.

 

(This story has been edited by Loom Solar staff and is modified from Prabhat Khabar.)

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