GST Registration से लेकर Cancellation तक, यहाँ जानिए सबकुछ!

देश में पहले केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा अलग अलग टैक्स लगाए जाते थे। लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की अगुवाई में 1 जुलाई 2017 को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) का लागू कर दिया गया और इसमें इन सभी करों की जगह ले ली।

बता दें कि माल एवं सेवा कर, एक अप्रत्यक्ष कर है, जिसे भारत में एक एकीकृत बाजार के निर्माण के लिए लागू किया गया है। इसमें वैट, एंट्री टैक्स, मनोरंजन कर, सेंट्रल सेल्स टैक्स, विज्ञापन कर, लग्जरी टैक्स आदि जैसे कई टैक्स समाहित हैं। वहीं पेट्रोलियम और आबकारी टैक्स को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

आइये जानते हैं इसके बारे में खास बातें -

भारत गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (Good and Service Tax) को लागू करने वाला दुनिया का 166वां देश है। इसके तहत 5 प्रतिशत से लेकर 28 प्रतिशत तक दर निर्धारित हैं। इस कर व्यवस्था के लागू होने से देश में बिजनेस करना काफी आसान हो गया है और उद्योग इससे रसद और आपूर्ति श्रृंखला में काफी बचत कर सकते हैं।

क्या है जीएसटी का इतिहास? (History of GST)

देश में जीएसटी को लागू करने का विचार सबसे पहले साल 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखा था। उस दौरान राज्य के वित्त मंत्रियों का एक एम्पावर्ड ग्रुप गठित किया गया था।

बता दें कि जीएसटी को कनाडा में साल 1991 में ही अपना लिया गया था, जिसे मैन्यूफैक्चर्स सेल्स टैक्स के स्थान पर लाया गया था। वहीं, न्यूजीलैंड में 1986, सिंगापुर में 1994 और आस्ट्रेलिया में 2000 में ही इसे अपना लिया गया था।

कैसे संचालित होता है जीएसटी? (How GST operates)

बता दें कि भारत में जीएसटी को संचालित करने के लिए ‘वस्तु एवं सेवा कर परिषद’ का गठन किया गया है। इसके अध्यक्ष भारत के वित्त मंक्षी होते हैं।

जीएसटी के तहत कितने तरह के कर लगाए जाते हैं? (How many types of taxes are levied under GST)

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के तहत 5 तरह के टैक्स लगाए जाते हैं।  इसके तहत  0%, 5%, 12%, 18% और, 28% की दरें निर्धारित हैं।

क्या है कर की प्रकृति? (Nature of tax under GST)

बता दें कि जीएसटी एक वैल्यू एडेड टैक्स सिस्टम है, जो उत्पाद बनाने वाली कंपनी से लेकर उपभोक्ताओं तक की आपूर्ति व्यवस्था पर आधारित है। हर चरण पर भुगतान किये गए इनपुट टैक्स का लाभ वैल्यू एडिशन पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स को एक जरूरी रूप से एक टैक्स बना देता है। इसके तहत, अंतिम ग्राहक को अंतिम डीलर द्वारा लगाया गया जीएसटी भरना पड़ता है। नतीजन, बीते चरणों के सभी मुनाफे यहाँ समाप्त हो जाते हैं।

दरों में बदलाव

बता दें कि हाल ही में सरकार द्वारा जीएसटी (GST) की दरों में बदलाव किया गया है। जिसके तहत मछली, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज जैसे 14 फूड आईटम्स पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया। वहीं, इन उत्पादों को यदि खुले में बेचा जाए, तो इस पर भी टैक्स नहीं लगेगा।

इसके अलावा पैकेट बंद और लेवल्ड प्रोडक्ट पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। बता दें कि इस पर पहले सिर्फ 5 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता था। वहीं, नारियल पानी पर 12 प्रतिशत और फुटवेयर के कच्चे माल पर भी 12 प्रतिशत का टैक्स लगाया जाएगा।

जीएसटी (GST) के नये नियम के मुताबिक रोजाना एक हजार रुपये से कम कीमत वाले होटल कमरों पर 12 प्रतिशत का टैक्स लगेगा और 5 हजार रुपये प्रति दिन (आईसीयू के अलावा) से अधिक के अस्पताल के कमरों पर भी 5 प्रतिशत का टैक्स लगाया जाएगा।

वहीं, सड़क, पुल, रेलवे, मेट्रो, जैसे कार्य अनुबंधों पर अब 18 प्रतिशत और लक्जरी और सिन गुड्स पर अधिकतम 28 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। 

जीएसटी के प्रकार (What are the 3 types of GST registration?

बता दें कि जीएसटी के CGST (केंद्रीय माल एवं सेवा कर), SGST (राज्य वस्तु एवं सेवा कर), UTGST (केंद्र शासित प्रदेश माल एवं सेवा कर) जैसे तीन प्रकार हैं।

जीएसटी के फायदे (Benefits of GST)

जीएसटी (GST) की वजह से टैक्स कैलकुलेश और संग्रह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है और इससे टैक्स जमा करने की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। बता दें कि 20 लाख से कम कमाई करने वाले कंपनियों को जीएसटी (GST) भरने की जरूरत नहीं है और उत्तर पूर्वी राज्यों में यह 10 लाख रुपये निर्धारित है। इससे छोटे उद्योगों को काफी लाभ हो रहा है। पहले सरकार को अप्रत्यक्ष करों को हासिल करन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब जीएसटी ने सब कुछ काफी आसान बना दिया है। और यदि कर संग्रह आसान हो गई है, तो इसका सीधा फायदा देश की जीडीपी को होता है।

जीएसटी के नुकसान (Disadvantages of GST)

बता दें कि जीएसटी एक आईटी आधारित नियम है और इससे देश के आम लोगों को जोड़ने के लिए आधारभूत संरचनाओं को काफी मजबूत करने की जरूरत है। क्योंकि कई राज्यों में इसके जरूरी ढांचे की काफी कमी है। वहीं, इस नियम के तहत अब छोटे और मध्यम आकार के उद्योगों को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बता दें कि पहले उनके लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी। इसके अलावा, जिन लोगों का कारोबार कई राज्यों में है, उन्हें उन सभी राज्यों में पंजीकरण कराना होगा। जो एक जटिलता की स्थिति पैदा करती है।

जीएसटी नंबर के लिए आवेदन कैसे करें? (How to apply for GST number?

How to apply for GST number?

यदि आप जीएसटी नंबर हासिल करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप सबसे पहले www.gst.gov.in पर विजिट करें। इसके बाद मेनू पर आपको ‘सेवा’ टैब पर क्लिक करना होगा। इस पर क्लिक करने के बाद, आपके सामने पंजीकरण, भुगतान, और उपयोगकर्ता सेवाएं जैसे तीन विकल्प आएंगे। आप पंजीकरण पर क्लिक करें, जो आपको नये पेज पर रीडायरेक्ट करेगा। यहाँ क्लिक करने के बाद आपको बताना होगा कि आप करदाता हैं या जीएसटी व्यवसायी। इसके बाद आपको स्थायी खाता संख्या, ईमेल पता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां दर्ज करनी होगी। आपके द्वारा दर्ज की गई जानकारियां पोर्टल द्वारा सत्यापित होगी, इसलिए आपको अपने ईमेल पर ओटीपी आएगा।

इसके लिए प्रक्रिया निम्न है -

स्टेप 1: https://reg.gst.gov.in/registration/ पर विजिट करें।

स्टेप 2: ‘Register Now’ पर क्लिक करें जो।

स्टेप 3: ‘Taxpayers’ का विकल्प चुनने के बाद ‘New Registration’ पर क्लिक करे्ं।

निम्न जानकारियों को भरें -

  • ‘Taxpayer’ का विकल्प चुनें।
  • अपने राज्य और जिले का चयन करें।
  • कारोबार का नाम दर्ज करें।
  • कारोबार का पैन नंबर दर्ज करें।
  • अपना एक्टिव ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • फिर, कैप्चा कोड भरने के बाद, ‘Proceed’ पर क्लिक करें।

स्टेप 5: अगले पेज पर ओटीपी को दर्ज करें।

स्टेप 6: फिर, ‘Proceed’ पर क्लिक करें।

स्टेप 7: इसके बाद आपको अस्थायी रेफरेंस नंबर (TRN) हासिल होगा। इसे नोट कर लें।

स्टेप 8: अब एक बार फिर जीएसटी पोर्टल पर जाएं और ‘Taxpayers’ मेनू के अंतर्गत ‘Register’ पर क्लिक करें।

स्टेप 9: ‘अस्थायी रेफरेंस नंबर’ भरें।

स्टेप 10: कैप्चा भरें और ‘Proceed’ पर क्लिक करें।

स्टेप 11: आपको अपनी पंजीकृत ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी हासिल होगा। इसे दर्ज करें और ‘Proceed’ पर क्लिक करें।

स्टेप 12: आपकी आवेदन का स्टेटस अगले पेज पर दिखाया जाएगा। अगर आप कोई बदलाव करना चाहते हैं, तो दायीं ओर ‘Edit’ सेक्शन पर क्लिक करें।

स्टेप 13: अगले पेज पर आपको 10 सेक्शन भरने होंगे। जहाँ आपको कई जानकारियां और दस्तावेज देने होंगे।

Download GST Returns Offline Tool

जीएसटी के लिए किन दस्तावेजों की पड़ती है जरूरत? (What documents are required for GST)

जीएसटी नंबर हासिल करने के लिए आपको निम्न दस्तावेज दिखाने होंगे -

  • Permanent Account Number (PAN)
  • Legal Name of the Business (As mentioned in PAN)
  • फोटो
  • बिजनेस एड्रेस प्रूफ
  • बैंक स्टेटमेंट जैसे अकाउंट नंबर, बैंक का नाम, बैंक शाखा और IFSC कोड।
  • ऑथराइजेशन फॉर्म
  • टैक्सपेयर का कॉन्स्टिट्यूशन

बता दें कि एक बार दस्तावेज दिखाने के बाद आपको ‘वेरिफिकेशन’ पेज पर जाना होगा और डिक्लेरेशन चेक करना होगा। फिर इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड के जरिये अपना आवेदन सबमिट करना होगा। आपको कोड पंजीकृत मोबाइल नंबर पर हासिल होगा। फिर, आपको ई-साइन के जरिये, आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी मिलेगा। यदि आप रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं, तो आपको डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) के जरिये आवेदन सबमिट करनी होगी। इसके बाद आपको अपने नंबर या ईमेल आईडी पर एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर भेजा जाएगा। इसके जरिए आप अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।

जीएसटी पंजीकरण के लिए कौन पात्र है? (Who is eligible for GST registration)

कोई भी ऐसा शख्स जो किसी दूसरे व्यक्ति की ओर से वस्तु या सेवाओं की योग्य आपूर्ति करता है। वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें एजेंट, डीलर जैसे लोग भी शामिल हैं।

क्या जीएसटी पंजीकरण मुफ्त है? (Is GST registration free of cost?)

हाँ। यह पूरी तरह से निःशुल्क है। इसके लिए आपको बस  GST Portal पर खुद से सभी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। यदि आप किसी दूसरे व्यक्ति से यह काम करवाते हैं, तो इसके लिए आपको उसे निर्धारित फीस चुकानी होगी।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द कैसे करें (GST Registration Cancelation Process)

यदि आप अपना जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप जीएसटी पोर्टल पर विजिट करें और प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन रद्द करने के विकल्प पर क्लिक करें। यहाँ आपको रद्द करने का कारण पूछा जाएगा। आगे आपको सभी जरूरी जानकारी भरनी होगी और आपका पंजीकरण ऑटोमेटिकली रद्द हो जाएगा।

जीएसटी पंजीकरण डाउनलोड कैसे करें? (How to Download GST Registration)

जीएसटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए निम्न चरणों का पालन करें -

स्टेप- 1: https://www.gst.gov.in/ पर विजिट करें।

स्टेप- 2: फिर, ‘Login‘ पर क्लिक करें।

स्टेप- 3: यहाँ अपना यूजर नेम और पासवर्ड दर्ज करें।

स्टेप- 4: फिर, ‘Login‘ पर क्लिक करें।

स्टेप- 5: आगे ‘Services’ पर क्लिक करें।

स्टेप- 6: फिर, ‘User Services’ पर क्लिक करें।

स्टेप- 7: View/ Download Certificates’ के विकल्प पर क्लिक करें।

स्टेप- 8: फिर अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड करें।

GST Number को कैसे चेक करें (How to check / verify GST Number?)

how to verify gst number

GST Number को पता करने के लिए आप GST Official Website पर जाकर इस लिंक

https://services.gst.gov.in/services/searchtp से प्राप्त कर सकते है। इसके लिए आपको GST Number पता होना जरुरी है। जैसे कि यहाँ हम लूम सोलर का GST number चेक कर रहें है।

Loom Solar GST Number: 06AADCL6607J1ZG

ऊपर दिए गए GST number देने के बाद लूम सोलर की पूरी जानकरी मिल गया.

निष्कर्ष

हमें यकीन है कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा। यदि आप ऐसे ही विषयों के बारे में और अधिक जानकारी हासिल करना चाहते हैं या अपने घर में सोलर सिस्टम लगाना चाहते हैं, तो अभी हमसे संपर्क करें। हमारे विशेषज्ञ आपकी मदद के लिए चौबीसों घंटे तैयार रहते हैं।

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